उज्जैन केंद्रीय भैरवगढ़ जेल में जेल अधीक्षक के जन्मदिन समारोह का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, वर्दी में फिल्मी गानों पर डांस करते दिखे डिप्टी जेलर और अन्य कर्मचारी, लोगों ने उठाए अनुशासन और प्रशासनिक मर्यादा से जुड़े सवाल। उज्जैन की केंद्रीय भैरवगढ़ जेल इन दिनों किसी कैदी या सुरक्षा व्यवस्था की वजह से नहीं, बल्कि एक वायरल वीडियो के कारण सुर्खियों में है। सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे इस वीडियो में जेल परिसर के अंदर आयोजित जन्मदिन समारोह दिखाई दे रहा है, जहां वर्दी पहने डिप्टी जेलर समेत कई अधिकारी और कर्मचारी फिल्मी गानों पर डांस करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले को लेकर बहस शुरू हो गई है कि क्या जेल जैसे संवेदनशील परिसर में इस तरह के आयोजन उचित हैं। वीडियो के वायरल होते ही लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। कोई इसे कर्मचारियों का निजी उत्सव बता रहा है, तो कई लोग इसे सरकारी सेवा की गरिमा और अनुशासन से जोड़कर देख रहे हैं।
भैरवगढ़ जेल में जन्मदिन समारोह कैसे बना चर्चा का विषय
मिली जानकारी के अनुसार, 9 जुलाई को केंद्रीय भैरवगढ़ जेल के जेल अधीक्षक मनोज साहू के जन्मदिन के अवसर पर जेल परिसर में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में जन्मदिन का केक काटा गया और कर्मचारियों के लिए सांस्कृतिक आयोजन भी रखा गया। बताया जा रहा है कि समारोह में संगीत और ऑर्केस्ट्रा की भी व्यवस्था की गई थी। इसी दौरान मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने फिल्मी गीतों पर प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का वीडियो किसी व्यक्ति द्वारा रिकॉर्ड किया गया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। यहीं से यह मामला सामान्य जन्मदिन समारोह से निकलकर सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया।
गोविंदा के लोकप्रिय गाने पर डिप्टी जेलर का डांस वायरल
वायरल वीडियो में डिप्टी जेलर सुरेश गोयल वर्दी में अभिनेता गोविंदा के चर्चित गीत 'आपके आ जाने से…' पर डांस करते दिखाई दे रहे हैं। उनके साथ अन्य कर्मचारी भी संगीत की धुन पर झूमते नजर आ रहे हैं। वीडियो में जेल अधीक्षक मनोज साहू भी मंच पर मौजूद दिखाई देते हैं, जहां जन्मदिन का केक काटा जाता है। पूरे कार्यक्रम का माहौल उत्सव जैसा नजर आता है, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद यही दृश्य सोशल मीडिया पर बहस का कारण बन गया। सोशल मीडिया की दुनिया में अक्सर कुछ सेकंड का वीडियो भी बड़ी चर्चा छेड़ देता है और इस मामले में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट पर लोगों की राय दो हिस्सों में बंटी दिखाई दे रही है। एक वर्ग का कहना है कि सरकारी कर्मचारी भी इंसान हैं और यदि किसी जन्मदिन पर सीमित दायरे में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ है तो इसमें असामान्य कुछ नहीं है। उनका मानना है कि काम के तनाव के बीच ऐसे आयोजन कर्मचारियों के मनोबल के लिए भी जरूरी हो सकते हैं। वहीं दूसरा वर्ग सवाल उठा रहा है कि जेल जैसी संवेदनशील संस्था में वर्दी पहनकर फिल्मी गानों पर डांस करना क्या प्रशासनिक गरिमा के अनुरूप है। कई यूजर्स ने लिखा कि सुरक्षा और अनुशासन वाली जगहों पर सार्वजनिक छवि का भी विशेष महत्व होता है।