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Panna Police News : पुलिस की शर्मनाक करतूत, बागेश्वर धाम जा रहे व्यापारी को मड़ला थाना प्रभारी ने लूटा, 95 हजार की वसूली के बाद FIR दर्ज


Panna Police News : मध्यप्रदेश के पन्ना जिले से कानून के रखवालों द्वारा ही कानून की धज्जियां उड़ाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पन्ना-छतरपुर मार्ग पर स्थित मड़ला थाना क्षेत्र में 14 मई को बागेश्वर धाम जा रहे रीवा के एक सर्राफा व्यापारी को गांजा तस्करी के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई। इसके बाद मड़ला थाना प्रभारी और उनके मातहतों ने व्यापारी को दो घंटे तक बंधक बनाकर 95 हजार रुपए वसूल लिए। पीड़ित व्यापारी ने 15 मई को पन्ना पुलिस अधीक्षक (एसपी) निवेदिता नायडू से इसकी लिखित शिकायत की। एसपी के निर्देश पर हुई प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद मड़ला थाना प्रभारी रचना पटेल समेत चार लोगों के खिलाफ जबरन वसूली (रंगदारी) का मामला दर्ज किया गया है। वर्तमान में पुलिस की टीमें इन फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।

पेट्रोल पंप पर घेराबंदी और गांजे का झूठा खौफ

रीवा के रहने वाले सर्राफा कारोबारी मोहनलाल सोनी 14 मई की दोपहर अपनी कार से छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम जा रहे थे। सफर के दौरान जैसे ही उन्होंने पन्ना जिले के मड़ला गांव के पास एक पेट्रोल पंप के सामने अपनी गाड़ी रोकी, सादे कपड़ों में आए दो युवकों ने उन्हें घेर लिया। इन युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और सीधे व्यापारी पर गांजा तस्करी का आरोप मढ़ दिया। आरोपियों ने बिना किसी सर्च वारंट के जबरन कार की तलाशी लेनी शुरू कर दी। इसी बीच चालाकी से कार की सीट के पास एक काली पॉलिथीन रख दी गई। आरोपियों ने दावा किया कि इस पैकेट में गांजा है। व्यापारी मोहनलाल ने इस पैकेट के बारे में अज्ञानता जताई और कहा कि उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन सादे कपड़ों में आए कथित पुलिसकर्मियों ने उन्हें गंभीर केस में जेल भेजने की धमकी देकर डराना शुरू कर दिया।

शराब दुकान के पास दो घंटे बंधक, ऑनलाइन और कैश ट्रांसफर

डराने-धमकाने के बाद दोनों आरोपी व्यापारी को उनकी ही कार में बैठाकर मड़ला में एक शराब दुकान के पास ले गए। वहां पहले से ही वर्दी पहने एक और पुलिसकर्मी मौजूद था। इन लोगों ने सर्राफा व्यापारी को करीब दो घंटे तक बंधक बनाकर रखा और मामले को रफा-दफा करने के एवज में एक लाख रुपए की मांग की। काफी मिन्नतें करने और बदनामी के डर से व्यापारी सौदा करने पर मजबूर हो गया। आखिरकार मामला 95 हजार रुपए में तय हुआ। व्यापारी मोहनलाल सोनी ने मौके पर मौजूद आरोपियों को 45 हजार रुपए नकद दिए। बची हुई 50 हजार रुपए की रकम को आरोपियों के कहे अनुसार अलग-अलग मोबाइल नंबरों और क्यूआर कोड (QR Code) पर ऑनलाइन ट्रांसफर किया गया। रकम वसूलने के बाद ही पुलिसकर्मियों ने व्यापारी को वहां से जाने दिया।

थाना प्रभारी सहित चार पर एफआईआर

इस पूरी घटना से सहमे व्यापारी ने अगले दिन यानी 15 मई को पन्ना एसपी निवेदिता नायडू के पास पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के सबूत पेश किए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तुरंत जांच के आदेश दिए। तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन की जांच में व्यापारी के आरोप शत-प्रतिशत सही पाए गए। जांच रिपोर्ट सामने आते ही मड़ला थाना प्रभारी रचना पटेल, हेड कॉन्स्टेबल रज्जाक खान, कॉन्स्टेबल रामशरण अहिरवार और उनके एक बाहरी सहयोगी बृजेश यादव के खिलाफ शासकीय पद का दुरुपयोग और अवैध वसूली की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया। मामले की आगे की विस्तृत जांच एएसआई वृंदावन प्रजापति को सौंपी गई है। एफआईआर दर्ज होते ही थाना प्रभारी समेत चारों आरोपी फरार हो गए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।