पिकनिक बनी मुसीबत: पहाड़ी पानी के बीच टीले पर फंसे 7 युवक, डायल-112 से मिली मदद
Bhopal News : भोपाल में मंगलवार को बारिश का मजा लेने निकले सात युवकों के लिए कुछ ही घंटों में हालात ऐसे बदल गए कि पिकनिक अचानक जान बचाने की कोशिश में बदल गई। पुराने भोपाल से कजलीखेड़ा के फाटापान-बाबाझिरी पिकनिक स्पॉट पहुंचे युवक तेज बारिश के बाद पहाड़ी इलाकों से उतर रहे पानी के बीच घिर गए। रास्ते पानी से कट गए तो सभी ने एक ऊंचे टीले पर शरण ली। वहां से निकलना भी आसान नहीं था, क्योंकि पानी का बहाव लगातार तेज हो रहा था।
हालात बिगड़ते देख युवकों ने मोबाइल फोन से अपने परिजनों को सूचना दी। परिजनों ने तुरंत डायल-112 पर पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद कजलीखेड़ा थाना पुलिस, SDRF और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर बचाव अभियान शुरू किया। कई घंटे की कोशिश के बाद सातों युवकों को सुरक्षित निकाल लिया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक किसी युवक के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। मिली जानकारी के अनुसार सातों युवक मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे फाटापान-बाबाझिरी पहुंचे थे। उस समय वे सामान्य तरीके से पिकनिक मनाने और घूमने के इरादे से वहां गए थे।
लेकिन बारिश शुरू होने के बाद पहाड़ी क्षेत्र से पानी तेजी से नीचे आने लगा। पहाड़ी इलाकों में बारिश का एक बड़ा खतरा यही होता है कि जिस जगह लोग मौजूद हैं, वहां बारिश कम होने के बावजूद ऊपर के क्षेत्र से आया पानी अचानक बहाव बढ़ा सकता है।
इस मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ। पिकनिक स्पॉट के आसपास पानी का बहाव बढ़ता गया और वापस लौटने का सामान्य रास्ता मुश्किल हो गया। युवकों ने जोखिम लेने के बजाय ऊंचे टीले पर रुकना बेहतर समझा। मुश्किल समय में युवकों का मोबाइल फोन से परिजनों को सूचना देना अहम साबित हुआ। उन्होंने अपनी स्थिति बताई और परिजनों ने देर किए बिना डायल-112 पर संपर्क किया।
यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि तेज बहाव के बीच खुद नीचे उतरकर रास्ता खोजने की कोशिश जोखिम बढ़ा सकती थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पहले मौके की स्थिति समझी और उसके बाद बचाव की रणनीति बनाई।
रिपोर्टों के अनुसार पुलिस टीम शाम करीब 7 बजे मौके पर पहुंच गई। पानी का बहाव तेज होने के कारण पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों को भी सीधे टीले तक जाने से रोका, ताकि युवकों को निकालने की कोशिश में कोई दूसरा हादसा न हो।
रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती युवकों तक पहुंचना थी। पानी का बहाव इतना तेज था कि सीधे रास्ते से टीले तक जाना सुरक्षित नहीं था। पुलिस और SDRF ने स्थानीय ग्रामीणों से इलाके की भौगोलिक स्थिति समझी। ग्रामीणों को आसपास के रास्तों की जानकारी थी, इसलिए उनकी मदद से टीले तक पहुंचने के संभावित रास्ते तलाशे गए।
रिपोर्ट के मुताबिक टीम ने तीन अलग-अलग संभावित रास्तों से पहुंचने की कोशिश की। लगातार प्रयास के बाद बचाव दल युवकों तक पहुंचने में सफल रहा और सभी सातों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
