Bhopal Bus Service : भोपाल के सार्वजनिक
परिवहन में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। जुलाई के मध्य से शहर में पीएम ई-बस सेवा शुरू होने जा रही है। नई इलेक्ट्रिक बसें आधुनिक तकनीक, बेहतर सुरक्षा और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं। खास बात यह है कि इन बसों में कई ऐसी सुविधाएं होंगी जो अब तक मेट्रो ट्रेन में देखने को मिलती थीं। शुरुआती चरण में सीमित रूटों पर बसों का संचालन होगा, जबकि आगे चलकर इसका दायरा बढ़ाया जाएगा।
ई-बस डिपो का काम लगभग पूरा, 10 रूट तैयार
ई-बस सेवा शुरू करने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। भोपाल में ई-बस डिपो का लगभग 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। संचालन के लिए आठ एंट्री और एग्जिट मार्गों के आधार पर 10 रूट तैयार किए गए हैं। पहले चरण में 20 इलेक्ट्रिक बसों को चुनिंदा रूटों पर चलाया जाएगा। इनमें मंडीदीप और रातीबड़ जैसे क्षेत्र प्रमुख हैं, जहां बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां और कॉलेज मौजूद हैं। इन इलाकों में दैनिक यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण इन्हें प्राथमिकता दी गई है।
पहले चरण में मिलेंगी 65 इलेक्ट्रिक बसें
पीएम ई-बस योजना के तहत पहले चरण में कुल 65 इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराई जाएंगी। इन बसों की आपूर्ति 20-20 के लॉट में चरणबद्ध तरीके से होगी। बसें पीथमपुर और बगाड़ी स्थित प्लांट से भेजी जा रही हैं। सभी बसें पूरी तरह वातानुकूलित (एयर कंडीशंड) होंगी, जिससे गर्मी के मौसम में भी यात्रियों को आरामदायक सफर मिलेगा।
किराया फिलहाल पुराने सिस्टम के अनुसार
नई बसों के किराए को लेकर अंतिम निर्णय अभी बाकी है। परिवहन आयुक्त से नई किराया सूची को मंजूरी मिलना शेष है। जब तक नई दरें लागू नहीं होतीं, तब तक यात्रियों से मौजूदा किराया ही लिया जाएगा। स्रोत के अनुसार शुरुआती दूरी के लिए लगभग 1.5 किलोमीटर पर 2 रुपये का किराया प्रस्तावित व्यवस्था का हिस्सा बताया गया है, जबकि अंतिम किराया सूची संबंधित विभाग की मंजूरी के बाद लागू होगी।
एक बार चार्ज होने पर 200 किलोमीटर तक चलेगी बस
नई ई-बसें तकनीकी रूप से काफी उन्नत हैं। एक बार चार्ज होने पर ये लगभग 200 किलोमीटर तक चल सकेंगी। इससे बार-बार चार्जिंग की जरूरत कम होगी और संचालन भी अधिक प्रभावी रहेगा। बस में 25 सीटें होंगी, जबकि कुल 45 से 50 यात्री सफर कर सकेंगे। लगभग 25 यात्रियों के खड़े होकर यात्रा करने की भी व्यवस्था रहेगी।
हर सीट पर चार्जिंग की सुविधा
आज के समय में मोबाइल फोन और लैपटॉप यात्रा का जरूरी हिस्सा बन चुके हैं। इसे ध्यान में रखते हुए हर सीट के पास मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग की सुविधा दी गई है। यानी सफर के दौरान बैटरी खत्म होने की चिंता कम रहेगी।
सुरक्षा के लिए पांच सीसीटीवी कैमरे
यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक बस में कुल पांच सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। एक कैमरा ड्राइवर के सामने, दूसरा यात्री क्षेत्र के आगे, तीसरा बस के पिछले हिस्से में और दो कैमरे दोनों प्रवेश द्वार के बाहरी हिस्से में लगाए जाएंगे। इन सभी कैमरों की निगरानी बीसीएलएल के कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से की जाएगी।
मेट्रो की तरह मिलेगा ऑटोमैटिक अनाउंसमेंट
अगर कभी बस में बैठे-बैठे स्टॉप छूट जाने का डर लगा हो, तो नई ई-बसें इस परेशानी को काफी हद तक कम कर देंगी। बस के अंदर चार एलईडी डिस्प्ले लगाए जाएंगे, जिन पर अगले स्टॉप और रूट की जानकारी दिखाई देगी। साथ ही मेट्रो ट्रेन की तरह हर लगभग 20 सेकंड में अगले स्टॉप और प्रमुख चौराहे का ऑटोमैटिक वॉयस अनाउंसमेंट होगा।
हर दो सीटों के बीच रहेगा पैनिक बटन
यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए बस में हर दो सीटों के बीच पैनिक बटन लगाया गया है। यह ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड 140 जीपीएस सिस्टम से जुड़ा रहेगा। यह सिस्टम बस की रियल टाइम लोकेशन, स्पीड और अन्य जरूरी जानकारी हर 3 से 4 सेकंड में अपडेट करेगा। जरूरत पड़ने पर सुरक्षा व्यवस्था को तुरंत सूचना मिल सकेगी।
इमरजेंसी के लिए हैमर और विशेष एग्जिट
आपातकालीन स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक सीट के पास कांच तोड़ने के लिए हैमर उपलब्ध रहेगा। बस में विशेष इमरजेंसी एग्जिट विंडो भी दी गई हैं, जिनका उपयोग आगजनी या अन्य आपदा की स्थिति में सुरक्षित निकासी के लिए किया जा सकेगा।
दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सुविधा
नई ई-बसों में दिव्यांग यात्रियों की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। दो सीटें आरक्षित रहेंगी और दो व्हीलचेयर भी उपलब्ध होंगी। बस के प्रवेश द्वार पर ऑटोमैटिक व्हीलचेयर लिफ्ट लगाई गई है, जिससे व्हीलचेयर पर आने वाले यात्री आसानी से बस के अंदर प्रवेश कर सकेंगे।
इन रूटों पर चलेगी ई-बस सेवा
पहले चरण में ई-बसों का संचालन सूखी सेवनिया–भोजपुर, अटल बिहारी यूनिवर्सिटी–आरआरएफ कैंप बगरोदा, अचारपुरा इंडस्ट्रियल एरिया–बीडीए कॉलोनी, अचारपुरा इंडस्ट्रियल एरिया–बिलकिसगंज, परवलिया सड़क–औबेदुल्लागंज, सीहोर–रातापानी, सीहोर–कटारा बायपास तिराहा, कोच फैक्ट्री–औबेदुल्लागंज, फंदा–मंडीदीप और बिलखिरिया–सीहोर रूट पर किया जाएगा।