PM Fasal Bima Yojana 2026 : मध्यप्रदेश में इस बार मानसून का दौर कई इलाकों में सामान्य रहा है, लेकिन मौसम विशेषज्ञ अब भी यह मान रहे हैं कि कुछ क्षेत्रों में बारिश की लंबी खेंच या असमान वितरण की स्थिति बन सकती है। ऐसे मौसम में सबसे बड़ी चिंता किसानों की फसल को लेकर रहती है। इसी को देखते हुए राज्य में खरीफ 2026 सीजन के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PM Fasal Bima Yojana) के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस योजना के जरिए किसान अपनी खरीफ फसल का बीमा सिर्फ 2 प्रतिशत प्रीमियम देकर करा सकते हैं। इसका फायदा ऋणी और गैर-ऋणी दोनों तरह के किसानों को मिलेगा। यदि प्राकृतिक आपदा, अत्यधिक बारिश, सूखा या अन्य अधिसूचित कारणों से फसल को नुकसान होता है, तो तय नियमों के अनुसार बीमा दावा मिलने की व्यवस्था है।
31 जुलाई तक करा सकते हैं फसल बीमा
राज्य सरकार के अनुसार खरीफ 2026 के लिए फसल बीमा कराने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 तय की गई है। इसलिए किसानों के पास आवेदन के लिए सीमित समय बचा है। वहीं जिन ऋणी किसानों को इस योजना से बाहर रहना है, वे 24 जुलाई 2026 तक संबंधित बैंक में इसकी जानकारी दे सकते हैं। यदि कोई किसान बीमित फसल में बदलाव करना चाहता है, तो उसे 29 जुलाई 2026 तक बैंक या संबंधित वित्तीय संस्था में आवेदन देना होगा। कृषि विभाग किसानों को सलाह दे रहा है कि अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन पूरा कर लें, ताकि किसी तकनीकी या दस्तावेज संबंधी परेशानी से बचा जा सके।
सिर्फ 2% प्रीमियम में मिलेगी बड़ी सुरक्षा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसानों को पूरी बीमा राशि का भुगतान नहीं करना पड़ता। खरीफ फसलों के लिए किसान केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम जमा करते हैं, जबकि शेष राशि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करती हैं। यही वजह है कि कम लागत में किसानों को प्राकृतिक जोखिमों से आर्थिक सुरक्षा मिल जाती है। लगातार बदलते मौसम और अनिश्चित बारिश के दौर में यह योजना किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच मानी जा रही है।
किन किसानों को मिलेगा योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ मध्यप्रदेश के ऋणी और गैर-ऋणी दोनों प्रकार के किसान ले सकते हैं। यदि किसान ने अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसल की बुवाई की है और निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन पूरा कर देता है, तो वह योजना के तहत बीमा सुरक्षा पाने का पात्र होगा। हालांकि दावा और भुगतान योजना के नियमों एवं अधिसूचित शर्तों के अनुसार ही किया जाएगा।
आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
फसल बीमा के लिए आवेदन करते समय किसानों को कुछ जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। इनमें आधार कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति, भूमि से जुड़े दस्तावेज जैसे खतौनी या अन्य स्वामित्व रिकॉर्ड, फसल बुवाई प्रमाण पत्र अथवा प्रस्तावित फसल का स्व-घोषणा पत्र शामिल है। इसके साथ ही निर्धारित प्रीमियम राशि भी जमा करनी होगी। आवेदन बैंक, अधिकृत संस्था या निर्धारित माध्यम से किया जा सकता है।
किसी समस्या पर कहां करें संपर्क?
यदि आवेदन के दौरान किसी तरह की परेशानी आती है, तो किसान सहायता भी प्राप्त कर सकते हैं। फसल बीमा योजना के लिए हेल्पलाइन नंबर 14447 उपलब्ध है। इसके अलावा PMFBY WhatsApp Bot (7065514447) के जरिए भी जानकारी ली जा सकती है। कृषि विभाग के कृषि रक्षक पोर्टल पर भी योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी और दिशा-निर्देश उपलब्ध हैं।
जिले के हिसाब से अलग है प्रीमियम
खरीफ फसलों का बीमा प्रीमियम सभी जिलों में एक जैसा नहीं है। यह अधिसूचित फसल और बीमित राशि के आधार पर तय किया गया है। उदाहरण के तौर पर देवास जिले में मक्का, सोयाबीन और असिंचित धान के लिए अलग-अलग बीमित राशि निर्धारित की गई है। इंदौर में मक्का और सोयाबीन के लिए अलग प्रीमियम लागू है। रायसेन, विदिशा, नर्मदापुरम, हरदा और बैतूल जैसे जिलों में उड़द, मक्का, सोयाबीन, धान, मूंग, मूंगफली, ज्वार और तुअर जैसी फसलों के लिए भी अलग-अलग बीमित राशि और प्रीमियम तय किया गया है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने जिले की अधिसूचित सूची देखकर ही आवेदन करें।
आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान
आवेदन करने से पहले किसान यह सुनिश्चित करें कि सभी दस्तावेज सही हों और बैंक खाते में आधार लिंक हो। आवेदन जमा करने के बाद उसकी रसीद सुरक्षित रखें। यदि फसल या क्षेत्र से जुड़ी कोई जानकारी बदलती है, तो निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित बैंक या संस्था को सूचित करें। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर बीमा कराने से भविष्य में किसी भी प्राकृतिक संकट की स्थिति में दावा प्रक्रिया आसान रहती है।