Pre-Monsoon : प्री-मानसून एक्टिविटी शुरू, अगले तीन दिन ऐसा रहेगा मौसम
Pre-Monsoon : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शनिवार का दिन एक बड़े बदलाव का गवाह बना। सुबह से ही आसमान में बादलों की लुकाछिपी और हवा के रुख में आए बदलाव ने संकेत दे दिए थे कि मौसम अब करवट लेने वाला है। मई के दूसरे पखवाड़े से शहरवासी जिस तपा देने वाली गर्मी का सामना कर रहे थे, उसमें शनिवार को काफी कमी महसूस की गई। पिछले 20 दिनों से लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर बने रहने वाला पारा अब नियंत्रण में आता दिख रहा है। इस तेज रफ्तार हवाओं के कारण शहर के विभिन्न इलाकों में बिजली की आपूर्ति प्रभावित हुई और जनजीवन पर इसका असर साफ नजर आया। प्रशासन और बिजली विभाग ने हालांकि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तुरंत कार्यवाही शुरू कर दी थी। यह प्री-मानसून हलचल इस बात का संकेत है कि अब भीषण गर्मी का दौर पीछे छूट रहा है। आधिकारिक तौर पर देश में 1 जून से मानसून सीजन की शुरुआत मानी जाती है, हालांकि मध्य प्रदेश के भोपाल में मानसून की दस्तक में अभी करीब 15 दिनों का समय शेष है। फिर भी, मौसम में सक्रिय हुए नए सिस्टम प्री-मानसून गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं। मई का महीना इस बार भोपाल के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा। न्यूनतम और अधिकतम दोनों तापमान सामान्य से काफी ऊपर बने हुए थे, जिसने आम जनजीवन को खासा प्रभावित किया। लेकिन शनिवार को दर्ज किए गए आंकड़े राहत देने वाले रहे। https://twitter.com/BhopalMausam/status/2060646281211785436 दिन का अधिकतम तापमान घटकर 40 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है, वहीं न्यूनतम तापमान में एक ही दिन में 4.3 डिग्री की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई और यह 25.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दो-तीन दिनों तक मौसम का मिजाज इसी प्रकार बना रहेगा। मौसम वैज्ञानिक एचएस पांडे के अनुसार, इस बदलाव के पीछे कई भौगोलिक कारण जिम्मेदार हैं। वर्तमान में वातावरण में बड़ी मात्रा में नमी मौजूद है। एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के साथ-साथ एक ट्रफ लाइन भी क्षेत्र से होकर गुजर रही है। इसके अतिरिक्त, आसपास के क्षेत्रों में दो अन्य मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं। इन सबका सामूहिक असर है कि भोपाल सहित आसपास के जिलों में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर हल्के बादल छाए रह सकते हैं। गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है, जो कि प्री-मानसून पैटर्न का हिस्सा है। मौसम की इस अप्रत्याशित करवट का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा। राजस्थान के जयपुर में मौसम के अचानक खराब होने के कारण वहां की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। इंडिगो एयरलाइंस की दो उड़ानें, जो बेंगलुरु और कोलकाता से जयपुर जा रही थीं, वे वहां उतरने में असमर्थ रहीं। सुरक्षा कारणों को देखते हुए इन दोनों उड़ानों को भोपाल के राजा भोज इंटरनेशनल एयरपोर्ट की तरफ डायवर्ट किया गया। भोपाल एयरपोर्ट प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए इमरजेंसी प्रोटोकॉल के तहत इन उड़ानों की सुरक्षित लैंडिंग करवाई और सभी यात्रियों के लिए टर्मिनल में सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की। भोपाल में हो रही यह प्री-मानसून गतिविधियां न केवल गर्मी से राहत लेकर आई हैं, बल्कि मानसून के आगमन की सुखद तैयारी भी कर रही हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि इस दौरान जब भी तेज हवाएं और गरज-चमक की स्थिति बने, तो आम नागरिक सावधानी बरतें और खुले स्थानों पर जाने से बचें। मौसम के इस बदलते मिजाज के साथ ही अब भोपाल के लोग मानसून की बारिश के बेसब्री से इंतजार में हैं।
