राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का पांच दिवसीय मध्यप्रदेश दौरा: ओंकारेश्वर से कूनो तक कई अहम कार्यक्रमों में होंगी शामिल
Madhya Pradesh News । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 18 जून से 22 जून तक मध्यप्रदेश के पांच दिवसीय दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वे राज्य के कई महत्वपूर्ण शहरों और धार्मिक, शैक्षणिक तथा सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेंगी। उनके कार्यक्रमों में आदिवासी समाज के सशक्तिकरण, अंतर्राष्ट्रीय सिकल सेल दिवस, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस और विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह जैसे विषय प्रमुख रहेंगे। राष्ट्रपति का यह दौरा धार्मिक आस्था, सामाजिक जागरूकता, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। यही कारण है कि प्रदेश के कई जिलों में उनके आगमन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां भी तेज हो गई हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गुरुवार को इंदौर पहुंचेंगी। इसके बाद वे बैतूल जाएंगी, जहां ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा आयोजित “एम्पावरमेंट ऑफ ट्रायबल सोसायटी बाय स्पिरिचुअल अवेकनिंग” कार्यक्रम में शामिल होंगी। यह कार्यक्रम आदिवासी समाज में आध्यात्मिक जागरूकता के माध्यम से सामाजिक विकास और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। राष्ट्रपति की उपस्थिति इस आयोजन को विशेष महत्व प्रदान करेगी। बैतूल के कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति खंडवा जिले स्थित श्री ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचेंगी। यहां वे भगवान शिव के दर्शन करेंगी और मंदिर की आरती में भाग लेंगी। ओंकारेश्वर देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है और हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। राष्ट्रपति का यह धार्मिक कार्यक्रम भी उनके दौरे का अहम हिस्सा रहेगा। 19 जून को राष्ट्रपति ओंकारेश्वर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सिकल सेल दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगी। सिकल सेल रोग विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों में एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती माना जाता है। इस अवसर पर जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 20 जून को राष्ट्रपति जबलपुर पहुंचेंगी। इसके अगले दिन 21 जून को वे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम में भाग लेंगी। https://twitter.com/DrMohanYadav51/status/2067438679736647903 योग दिवस को लेकर पूरे देश में विशेष आयोजन किए जाते हैं और राष्ट्रपति की उपस्थिति कार्यक्रम को और अधिक महत्वपूर्ण बनाएगी। इसके बाद वे रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर के 36वें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। इस समारोह में विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी और उन्हें भविष्य के लिए प्रेरित किया जाएगा। 22 जून को राष्ट्रपति श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क का दौरा करेंगी। हाल के वर्षों में कूनो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र रहा है। राष्ट्रपति यहां पार्क की गतिविधियों का अवलोकन करेंगी। कूनो भ्रमण के बाद वे ग्वालियर पहुंचेंगी और वहां से नई दिल्ली के लिए रवाना होंगी। राष्ट्रपति के प्रस्तावित मध्यप्रदेश दौरे को देखते हुए राज्य शासन ने विभिन्न स्थानों पर उनकी अगवानी और विदाई के लिए मंत्रियों को “मिनिस्टर-इन-वेटिंग” नियुक्त किया है। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश के अनुसार इंदौर में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को जिम्मेदारी दी गई है। बैतूल में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल राष्ट्रपति की अगवानी और विदाई करेंगे। ओंकारेश्वर में संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भावसिंह लोधी को यह दायित्व सौंपा गया है। जबलपुर में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, श्योपुर में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला तथा ग्वालियर में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट राष्ट्रपति के कार्यक्रमों के दौरान मिनिस्टर-इन-वेटिंग की भूमिका निभाएंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का यह पांच दिवसीय दौरा धार्मिक, सामाजिक, शैक्षणिक और पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आदिवासी सशक्तिकरण से लेकर स्वास्थ्य जागरूकता, योग और शिक्षा तक कई महत्वपूर्ण विषय इस यात्रा का हिस्सा हैं। इससे राज्य के विभिन्न क्षेत्रों को राष्ट्रीय स्तर पर भी विशेष पहचान मिलने की उम्मीद है।
