अयोध्या के राम मंदिर में कथित चंदा चोरी का मामला अभी
पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि अब उत्तराखंड के श्री बद्रीनाथ धाम से भी दान और चढ़ावे को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों में दावा किया गया है कि मंदिर में मिले दान के पैसों के इस्तेमाल और हिसाब-किताब में गड़बड़ी हुई है। कुछ पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि धन का निजी उपयोग किया गया। हालांकि, इन दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आरोप सामने आते ही BKTC ने बनाई जांच समिति
सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। समिति ने पूरे मामले की जांच के लिए एक जांच समिति गठित कर दी है। जिन कर्मचारियों और अधिकारियों के नाम आरोपों में सामने आए हैं, उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। यह कदम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि मंदिरों में आने वाला दान केवल पैसा नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं का विश्वास भी होता है। ऐसे मामलों में लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं रहती।
हेमंत द्विवेदी बोले ' जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी
BKTC के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि समिति इस मामले को बेहद गंभीरता से देख रही है। उनके अनुसार, जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी ताकि पूरे मामले में पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने साफ कहा कि यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। https://twitter.com/ANI/status/2073240729045094646 उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला केवल वित्तीय अनियमितता का नहीं, बल्कि लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है। इसलिए किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
CEO ने जारी किए नोटिस, कर्मचारियों से मांगा जवाब
समिति के अध्यक्ष के मुताबिक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) ने दान की गिनती और उससे जुड़ी प्रक्रिया में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए हैं। साथ ही एक स्वतंत्र जांच समिति को जल्द से जल्द रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। समिति का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी ताकि किसी तरह की अफवाह या भ्रम की स्थिति न रहे।
आस्था के नाम पर सवाल उठें तो जवाब भी साफ होना चाहिए
मंदिरों में आने वाला दान श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक होता है। ऐसे में यदि किसी तरह के आरोप सामने आते हैं तो केवल सफाई देना काफी नहीं होता, बल्कि निष्पक्ष जांच भी जरूरी होती है। सोशल मीडिया पर आरोप लगाना आसान है, लेकिन सच सामने लाना जांच एजेंसियों और संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है। अब सबकी नजर BKTC की जांच रिपोर्ट पर रहेगी।