राहुल गांधी एक मासूम बच्चे के साथ वायरल हुई तस्वीर और बैगा आदिवासियों का दर्द
Rahul Gandhi : क्या राजनीति से परे एक तस्वीर किसी की भी आंखें नम कर सकती है? इन दिनों सोशल मीडिया पर एक ऐसी ही तस्वीर चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसमें कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक छोटे से बच्चे को अपनी गोद में प्यार करते हुए नजर आ रहे हैं।
यह तस्वीर मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बैगा बाहुल्य गांव जगला से सामने आई है, जहां राहुल गांधी हाल ही में उन परिवारों से मिलने पहुंचे थे जिन्होंने कुपोषण और बीमारियों की वजह से अपने मासूम बच्चों को खो दिया है। इस दौरे के दौरान राहुल गांधी ने न केवल पीड़ित परिवारों से सीधी बातचीत की, बल्कि उनके बीच जमीन पर बैठकर उनका दर्द भी साझा किया। यह मार्मिक तस्वीर अब तेजी से इंटरनेट पर वायरल हो रही है, जो राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बन गई है।
बालाघाट के जगला गांव में पहुंचे राहुल गांधी के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि और कांग्रेस नेता भी मौजूद थे। इस दौरान मछुरदा और अडोरी ग्राम पंचायत के सरपंचों के साथ-साथ कांग्रेस विधायक संजय उईके ने भी इस यात्रा में शिरकत की। गांव के दौरे के वक्त राहुल गांधी ने बैगा परिवारों के साथ बैठकर उनकी समस्याओं को बेहद करीब से समझा।
स्थानीय लोगों ने उन्हें अपनी जमीन से जुड़े विवादों, वन अधिकार अधिनियम के नियमों और मनरेगा मजदूरी से जुड़ी परेशानियों के बारे में खुलकर बताया। पीड़ित परिवारों का दर्द साझा करते हुए यह बात सामने आई कि कई परिवारों ने अपनों को खो दिया है, लेकिन अभी तक सभी प्रभावितों को उचित मुआवजा तक नहीं मिल पाया है।
मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने राज्य सरकार और व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बालाघाट आकर ऐसा महसूस हुआ मानो इस हिस्से में सरकार का कोई अस्तित्व ही नहीं बचा है। यहां कई बच्चों की मौत कुपोषण और गंभीर बीमारियों के कारण हुई है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर पीड़ित परिवारों को किसी भी तरह का संबल या सहयोग नहीं मिल रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल कागजों पर विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जब वास्तविक जिम्मेदारी निभाने का वक्त आता है, तो व्यवस्था नदारद नजर आती है। राहुल गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार को अपनी जवाबदेही तय करनी होगी और बालाघाट के लोगों को स्वास्थ्य, शिक्षा और उनके बुनियादी हक समय पर मुहैया कराने होंगे।
अपने दौरे के दौरान राहुल गांधी ने आदिवासियों के अधिकारों और उनकी पहचान पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि हम इन्हें 'वनवासी' नहीं बल्कि 'आदिवासी' मानते हैं, क्योंकि ये इस देश के पहले मालिक हैं। इसलिए उन्हें देश की मुख्यधारा में पूरा सम्मान, उचित जगह और सभी आवश्यक सुविधाएं मिलने का पूरा हक है।
उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश में कई योजनाओं का लाभ देने के नाम पर लोगों के नाम काट दिए जाते हैं, जिससे जरूरतमंद परिवारों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ता है। स्थिति का जायजा लेने के बाद उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी हर संभव मदद करेगी और उनकी आवाज को मजबूती से उठाएगी।
