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मध्यप्रदेश में 22 सितंबर तक बारिश का अलर्ट: भोपाल-इंदौर समेत करीब 25 जिलों में गरज-चमक के आसार

मध्यप्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। 20 से 22 सितंबर के दौरान कई हिस्सों में गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है, जबकि भारी बारिश का दौर बाद में बढ़ सकता है।
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Mp Big News, MP weather 3 days forecast : मध्यप्रदेश में सितंबर के दूसरे पखवाड़े में मानसून की गतिविधियां पूरी तरह थमी नहीं हैं। रविवार 20 सितंबर से अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बादल, गरज-चमक और बारिश का मौसम देखने को मिल सकता है। ऐसे में जिन इलाकों में पिछले कुछ दिनों से धूप और उमस का असर था, वहां मौसम का मिजाज फिर बदल सकता है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के ताजा अपडेट के मुताबिक पश्चिमी और पूर्वी मध्यप्रदेश दोनों हिस्सों में 20 से 23 सितंबर तक गरज-चमक, आकाशीय बिजली और झोंकेदार हवाओं की संभावना बनी हुई है। हालांकि, फिलहाल इन दिनों के लिए पूरे प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है।

यानी अगले तीन दिनों का मौसम सिर्फ बारिश की मात्रा से नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर बनने वाले गरज वाले बादलों से भी प्रभावित हो सकता है। कुछ जगह हल्की या मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि दूसरे इलाकों में मौसम केवल बादल और गरज-चमक तक सीमित रह सकता है।

दिलचस्प बात यह है कि IMD के इसी अपडेट में 24 और 25 सितंबर को मध्यप्रदेश के लिए भारी बारिश का संकेत दिया गया है। इसलिए 20 से 22 सितंबर के मौसम को देखते हुए अगले कुछ दिनों की गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी होगा।

20 से 22 सितंबर तक कैसा रहेगा मध्यप्रदेश का मौसम?

20 सितंबर को पश्चिमी और पूर्वी मध्यप्रदेश दोनों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ झोंकेदार हवाओं की संभावना है। 21 सितंबर को भी यही स्थिति बनी रहने का पूर्वानुमान है। 22 सितंबर को भी दोनों मौसम उपखंडों में thunderstorm और lightning की संभावना दर्ज की गई है।

इसका मतलब यह नहीं है कि प्रदेश के हर जिले में एक जैसी बारिश होगी। मानसूनी मौसम में स्थानीय परिस्थितियों के कारण एक जिले के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है, जबकि आसपास के इलाके में सिर्फ बादल छाए रह सकते हैं।

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इन  जिलों में बारिश की संभावना

उपलब्ध पूर्वानुमान के आधार पर पश्चिमी मध्यप्रदेश के बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, आलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, मंदसौर, नीमच, देवास और शाजापुर जैसे इलाकों में मौसम बदलने की संभावना बनी हुई है। वहीं भोपाल, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा सहित मध्य क्षेत्र के कई इलाकों में भी बादल और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

पूर्वी हिस्से में जबलपुर, सिवनी, मंडला और डिंडोरी समेत आसपास के इलाकों में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, जिलेवार बारिश की तीव्रता अलग हो सकती है। इसलिए इसे सभी बताए गए जिलों में एक समान बारिश का अलर्ट नहीं माना जाना चाहिए। IMD अपने जिला स्तर के पूर्वानुमान और तत्काल चेतावनियों को अलग से अपडेट करता है।

गरज-चमक और बिजली 

बारिश कम होने के बावजूद आकाशीय बिजली और तेज हवा मौसम से जुड़ा जोखिम बढ़ा सकती है। खासकर खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के आसपास रहने से बचना जरूरी है।

अगर अचानक बादल गरजने लगें और बिजली चमकने लगे तो खुले स्थान पर खड़े रहने के बजाय सुरक्षित पक्के स्थान पर जाना बेहतर है। किसानों और दोपहिया वाहन चालकों को भी अचानक बदलते मौसम को ध्यान में रखकर अपनी गतिविधियां तय करनी चाहिए।यह सावधानी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि IMD ने 20 से 23 सितंबर तक मध्यप्रदेश के दोनों मौसम उपखंडों के लिए thunderstorm, lightning और squall जैसी गतिविधियों का संकेत दिया है।

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पिछले 24 घंटे में कहां हुई बारिश?

उपलब्ध स्रोत सामग्री के मुताबिक पिछले 24 घंटों में इंदौर, रीवा, शहडोल, जबलपुर और भोपाल संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई थी। ग्वालियर संभाग के कई स्थानों पर तापमान में गिरावट भी देखने को मिली।

मानसून की विदाई के बीच बारिश  हो रही है

सितंबर के दूसरे हिस्से में मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू होने लगती है। IMD के मुताबिक 2026 में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी उत्तर-पश्चिम भारत से करीब 19 सितंबर के आसपास शुरू होने की संभावना जताई गई थी। लेकिन मानसून की वापसी शुरू होने का मतलब यह नहीं है कि देश या किसी राज्य में उसी समय बारिश पूरी तरह बंद हो जाएगी।

इसीलिए मध्यप्रदेश में मानसून की गतिविधियां सितंबर के अंतिम दिनों में भी बनी रह सकती हैं। स्थानीय नमी, बादलों की स्थिति और मौसम प्रणालियों के कारण अलग-अलग इलाकों में बारिश जारी रह सकती है।