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Rain in Madhya Pradesh मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज बदला, 42 जिलों में आंधी-बारिश, पूर्वी हिस्से में आज भी अलर्ट


Rain in Madhya Pradesh : मध्यप्रदेश में पिछले तीन दिनों से मौसम लगातार बिगड़ा हुआ है। आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने राज्य के 42 से अधिक जिलों को प्रभावित किया है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार, 21 मार्च को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में मौसम प्रणाली सक्रिय बनी रहेगी, जिसके चलते कई जिलों में फिर बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। इस बदलाव की वजह सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसम प्रणालियां हैं, जिनसे तापमान में गिरावट भी दर्ज की गई है।

42 से ज्यादा जिलों में असर, बड़े शहर भी प्रभावित

पिछले तीन दिनों में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले गिरे हैं। इसका असर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों समेत 42 से अधिक जिलों में देखा गया। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 112 से ज्यादा शहरों और कस्बों में बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान कई स्थानों पर तेज आंधी के साथ मौसम अचानक बदला, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। शहरी इलाकों में यातायात और ग्रामीण क्षेत्रों में खेती पर इसका सीधा असर पड़ा है।

धार और बैतूल में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज

बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो धार जिले के बदनावर और बैतूल के घोड़ा डोंगरी में सबसे अधिक वर्षा दर्ज की गई। यहां करीब तीन-चौथाई इंच तक पानी गिरा। इसके अलावा बड़वानी, सेंधवा, भैंसदेही, मुलताई, भोपाल और दमोह जैसे इलाकों में आधा इंच या उससे ज्यादा बारिश हुई। यह बारिश रबी फसलों के लिए मिश्रित प्रभाव लेकर आई है। जहां कुछ क्षेत्रों में इससे नमी बढ़ी है, वहीं ओलावृष्टि ने नुकसान भी पहुंचाया है।

14 जिलों में ओलावृष्टि, किसानों की चिंता बढ़ी

मौसम की मार सबसे ज्यादा किसानों पर पड़ी है। प्रदेश के 14 जिलों में ओले गिरने की खबर है, जिससे खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। शिवपुरी, अलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, झाबुआ, खंडवा, आगर-मालवा, विदिशा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, दमोह, सिवनी और छतरपुर जैसे जिलों में ओलावृष्टि दर्ज की गई। ओलों के कारण फलों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। पपीता और संतरे के फल पेड़ों से गिर गए, जबकि आम के पेड़ों में लगा बौर भी झड़ गया। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान की आशंका है।

तापमान में गिरावट, ठंड का असर बढ़ा

लगातार बारिश और ठंडी हवाओं के चलते पूरे प्रदेश में तापमान में गिरावट आई है। न्यूनतम तापमान में करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक कमी दर्ज की गई है। पहाड़ी क्षेत्र पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, इंदौर में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री और भोपाल में 16.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम में आई इस ठंडक ने मार्च के अंत में भी सर्दी का अहसास बना दिया है।

आज इन जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट

मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। ग्वालियर, जबलपुर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, डिंडौरी, बालाघाट, मंडला और कटनी जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है।

22 मार्च से मौसम सामान्य होने की उम्मीद

मौसम विभाग के अनुसार 21 मार्च के बाद स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है। 22 मार्च से प्रदेश में मौसम सामान्य होने लगेगा और बारिश की गतिविधियां कम हो जाएंगी। इसके साथ ही तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी भी हो सकती है।