Sports News Without Access, Favor, Or Discretion!

  1. Home
  2. Latest Big News

भोपाल-इंदौर से लेकर रीवा तक बारिश का दौर तेज, 26 जिलों में IMD का अलर्ट, जानिए अगले कुछ दिनों का मौसम

MP Weather Today : मध्यप्रदेश में मानसून फिर हुआ सक्रिय, कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, भोपाल-इंदौर समेत बड़े शहरों में भी बरसेंगे बादल
MP Weather Today

  • इंदौर में शाम तक 5 मिमी बारिश दर्ज
  • सीधी, सिंगरौली समेत 8 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
  • भोपाल-इंदौर सहित 19 जिलों में येलो अलर्ट

MP Weather Today : मध्यप्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जबकि भोपाल, इंदौर और आसपास के इलाकों में दिनभर धूप और बादलों की आंख-मिचौली के बीच रुक-रुककर बारिश होती रही। मौसम सुहावना बना रहने से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। 

अब भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार के लिए प्रदेश के 26 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मानसून मजबूत बना रहेगा और कई इलाकों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है।

भोपाल-इंदौर में बदला मौसम, लोगों को मिली राहत

पिछले कुछ दिनों की उमस के बाद रविवार को भोपाल और इंदौर का मौसम काफी राहतभरा रहा। बादलों की आवाजाही के बीच कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। इंदौर में शाम साढ़े पांच बजे तक करीब 5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार बादल छाए रहने से तापमान में भी गिरावट दर्ज हुई और दिनभर मौसम खुशनुमा बना रहा।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में नमी की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है। इसी कारण कई जिलों में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है और आने वाले दिनों में भी ऐसी ही स्थिति बनी रह सकती है।

इन जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए अलग-अलग स्तर के अलर्ट जारी किए हैं। सीधी, सिंगरौली, मंडला, डिंडौरी, जबलपुर, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

वहीं भोपाल, इंदौर, सीहोर, विदिशा, देवास, धार, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, नरसिंहपुर और कटनी समेत कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और कुछ स्थानों पर तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है।

तापमान में आई गिरावट, मौसम हुआ सुहाना

बारिश और बादलों की वजह से प्रदेश के कई शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। भोपाल में अधिकतम तापमान 28.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ, जबकि इंदौर में 28.5 डिग्री सेल्सियस रहा। ग्वालियर में 34.2 डिग्री और जबलपुर में 33.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।

मौसम में आई इस नरमी का असर लोगों की दिनचर्या पर भी दिखाई दिया। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों ने राहत महसूस की। हालांकि, बारिश के दौरान जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

आखिर क्यों मजबूत हुआ मानसून?

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार इस समय मानसून ट्रफ सीधी क्षेत्र से होकर गुजर रही है। इसके साथ ही राजस्थान के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय बना हुआ है। दूसरी ओर, 4 अगस्त से उत्तर-पश्चिम भारत में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है।

इन सभी मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से मध्यप्रदेश में मानसून की गतिविधियां और मजबूत हो रही हैं। अरब सागर और गुजरात तट से लगातार नमी मिलने के कारण बादलों को अतिरिक्त ऊर्जा मिल रही है, जिससे कई इलाकों में अच्छी बारिश की स्थिति बन रही है।

उत्तर मध्यप्रदेश में भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार ग्वालियर-चंबल संभाग, रीवा संभाग और सीधी के आसपास के इलाकों में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है।

वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश होने से किसानों को फायदा मिल सकता है, हालांकि लगातार तेज बारिश वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने की जरूरत होगी।

अगले कुछ दिन कैसे रहेंगे?

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार मध्यप्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा सिस्टम कमजोर पड़ने के संकेत फिलहाल नहीं हैं, इसलिए प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

यदि आप भोपाल, इंदौर, रीवा, जबलपुर, ग्वालियर या आसपास के किसी जिले में रहते हैं, तो मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों पर नजर रखें और यात्रा की योजना उसी के अनुसार बनाएं। मानसून राहत भी देता है, लेकिन सतर्कता बरतना हमेशा सबसे बेहतर विकल्प होता है।