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Raksha Bandhan 2026 : राखी बांधने से पहले जान लें ये टाइमिंग, वरना मुहूर्त को लेकर हो सकती है कन्फ्यूजन

रक्षाबंधन 2026 पर राखी बांधने का सही समय, भद्रा की स्थिति और चंद्र ग्रहण से जुड़ी हर जरूरी जानकारी यहां जानें, ताकि मुहूर्त को लेकर परिवार में कोई कन्फ्यूजन बाकी न रहे
Raksha Bandhan Shubh Muhurat

Raksha Bandhan Shubh Muhurat : भाई-बहन का त्योहार आ चुका है और घर-घर में राखी की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। लेकिन एक सवाल हर साल परिवारों को उलझाता है  राखी बांधने का सही समय क्या है। इस बार तो कन्फ्यूजन और भी ज्यादा है, क्योंकि रक्षाबंधन के दिन ही आसमान में एक बड़ी खगोलीय घटना भी घटित हो रही है। सुबह राखी बांधें, दोपहर में बांधें या शाम को, यह सवाल बहनों के मन में बार-बार आ रहा है।

मुहूर्त जानना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि गलत समय पर बंधी राखी का धार्मिक महत्व कम माना जाता है। तो चलिए बिना देर किए सीधे काम की बात पर आते हैं।

Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन कब है?

रक्षाबंधन 2026 इस बार शुक्रवार, 28 अगस्त को मनाया जा रहा है। यह त्योहार हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को पड़ता है, इसलिए इसकी तारीख हर साल बदलती रहती है।

पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 28 अगस्त की सुबह करीब 5:57 बजे से हो रही है। यह तिथि उसी दिन सुबह 9:48 बजे समाप्त हो जाएगी। यानी इस बार पूर्णिमा तिथि का पूरा दायरा सुबह के समय में ही सिमटा हुआ है, जो सीधे तौर पर मुहूर्त को भी प्रभावित करता है।

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त कितने बजे से कितने बजे तक है?

यही वह सवाल है जो हर साल सबसे ज्यादा पूछा जाता है। इस बार राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह 5:57 बजे से शुरू होकर सुबह 9:48 बजे तक रहेगा। यानी बहनों के पास करीब पौने चार घंटे की खिड़की है, जिसमें वे बिना किसी झंझट के भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं।

अगर किसी वजह से यह सुबह वाला मुहूर्त निकल जाता है, तो पूर्णिमा तिथि समाप्त होने के बाद परिवार अपनी सुविधा और स्थानीय पंचांग के अनुसार दिन में बाद का समय भी चुन सकते हैं, हालांकि ज्योतिष की दृष्टि से सुबह वाला समय ही सबसे शुद्ध माना जा रहा है।

राखी बांधने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?

अगर आप असमंजस में हैं कि दिन के किस हिस्से में राखी बांधना ठीक रहेगा, तो जवाब साफ है। इस साल सुबह का समय सबसे उपयुक्त माना जा रहा है, क्योंकि पूर्णिमा तिथि भी इसी दौरान चल रही है और भद्रा का कोई साया भी नहीं है।

दोपहर का समय उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है जो सुबह किसी वजह से इकट्ठा नहीं हो पाते। ऑफिस जाने वाले भाई-बहन अक्सर इसी वजह से मुहूर्त को लेकर परेशान रहते हैं।

शाम के समय राखी बांधने को लेकर पारंपरिक मान्यता उतनी मजबूत नहीं है, फिर भी अगर पूर्णिमा तिथि उस वक्त तक बची हो तो इसे पूरी तरह गलत नहीं कहा जा सकता।

क्या Raksha Bandhan 2026 पर भद्रा का साया रहेगा?

भद्रा एक ऐसा समय होता है जिसे पंचांग में शुभ कार्यों के लिए वर्जित माना जाता है। मान्यता है कि भद्रा काल में बंधी राखी का फल उल्टा असर दिखा सकता है, इसलिए हर साल लोग इसे लेकर सतर्क रहते हैं।

राहत की बात यह है कि रक्षाबंधन 2026 पर भद्रा काल सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाएगा। इसका मतलब है कि दिन की शुरुआत से लेकर पूर्णिमा तिथि खत्म होने तक भद्रा का कोई असर नहीं रहेगा।

यानी सुबह 5:57 बजे से लेकर 9:48 बजे तक जो भी मुहूर्त है, वह पूरी तरह भद्रा-रहित और शुद्ध माना जा रहा है। इस लिहाज से यह साल राखी बांधने के लिए काफी सुविधाजनक कहा जा सकता है।

 रक्षाबंधन और ग्रहण को लेकर पूरी जानकारी

इस साल की सबसे बड़ी खास बात यही है कि रक्षाबंधन के दिन ही साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर लोग बार-बार पूछ रहे हैं कि आज ग्रहण है क्या।

जवाब है हां, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है। यह एक आंशिक चंद्र ग्रहण है, जो भारतीय समयानुसार सुबह करीब 8:04 बजे शुरू होकर सुबह 11:22 बजे तक चलेगा। इसका मध्यकाल सुबह करीब 9:43 बजे रहने का अनुमान है।

सबसे राहत की बात यह है कि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। जब कोई खगोलीय घटना भारत से नहीं दिखती, तो उससे जुड़े धार्मिक नियम और सूतक काल भी यहां लागू नहीं होते। इसका सीधा मतलब है कि इस ग्रहण का रक्षाबंधन के मुहूर्त या पूजा-पाठ पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बहनें बेझिझक सुबह के तय समय में राखी बांध सकती हैं।

अगर शुभ मुहूर्त निकल जाए तो क्या करें?

आजकल संयुक्त परिवार कम और न्यूक्लियर परिवार ज्यादा हैं, इसलिए भाई-बहन अक्सर अलग-अलग शहरों में रहते हैं। ऐसे में सुबह वाला मुहूर्त निकल जाना कोई असामान्य बात नहीं है।अगर मुख्य मुहूर्त छूट जाए, तो पूर्णिमा तिथि रहने तक दिन में किसी भी समय राखी बांधी जा सकती है। सिर्फ ध्यान इतना रखना है कि भद्रा और राहुकाल जैसे अशुभ समय से बचा जाए।

जो परिवार अलग-अलग शहरों में हैं, वे वीडियो कॉल के जरिए भी रस्म निभा सकते हैं, और बाद में मिलने पर औपचारिक रूप से राखी बांध सकते हैं। भावना और आपसी प्रेम को मुहूर्त से ऊपर रखने की सलाह ज्यादातर पंडित भी देते हैं।

शुभ समय का ध्यान रखना सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही भद्रा की स्थिति जरूर जांच लें, भले ही इस साल भद्रा का कोई असर नहीं है। ग्रहण को लेकर सिर्फ प्रमाणित जानकारी पर भरोसा करें, अफवाहों से बचें। स्थानीय पंचांग या पारिवारिक परंपरा में मुहूर्त को लेकर मामूली अंतर हो सकता है, 

Raksha Bandhan 2026

Q1. Raksha Bandhan 2026 कब है? रक्षाबंधन 2026 शुक्रवार, 28 अगस्त को मनाया जा रहा है।

Q2. राखी बांधने का शुभ मुहूर्त कितने बजे से शुरू होगा? शुभ मुहूर्त सुबह लगभग 5:57 बजे से शुरू होगा।

Q3. राखी कितने बजे तक बांध सकते हैं? पूर्णिमा तिथि के अनुसार सुबह 9:48 बजे तक राखी बांधना सबसे उपयुक्त रहेगा।

Q4. क्या आज ग्रहण है? हां, 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन आंशिक चंद्र ग्रहण लग रहा है।

Q5. ग्रहण कितने बजे से कितने बजे तक रहेगा? यह ग्रहण सुबह करीब 8:04 बजे शुरू होकर 11:22 बजे तक चलेगा।