विदिशा में अवैध खनन रोकने पहुंचे रेंजर, ट्रक के सामने निकाली सर्विस रिवॉल्वर
देवास में टीआई दिलीप पुरी की ट्रक से हत्या के बाद विदिशा गंजबासौदा में वन रेंजर अनिल कुमार ने अवैध पत्थर ट्रक रोकने के लिए सर्विस रिवॉल्वर निकाली। 16 किमी पीछा, वीडियो वायरल।
Vidisha News : देवास जिले में खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की हत्या के बाद पूरे मध्य प्रदेश के प्रशासनिक अमले में एक अलग तरह का तनाव छाया हुआ है। शराब तस्करों ने ट्रक से कुचलकर उनकी जान ले ली। उसी माहौल में विदिशा जिले के गंजबासौदा से एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में वन विभाग के रेंजर अनिल कुमार हाथ में सर्विस रिवॉल्वर लिए नजर आ रहे हैं।
मामला गंजबासौदा तहसील के उदयपुर इलाके का है। वन भूमि से अवैध रूप से पत्थर निकालकर ले जा रहे ट्रक की सूचना मिली। रेंजर अनिल कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ट्रक चालक ने अधिकारियों को देखते ही गाड़ी तेज कर दी। भागने की कोशिश साफ दिख रही थी।
खातेगांव जैसी घटना की आशंका को देखते हुए रेंजर ने सुरक्षा के लिए अपनी सर्विस रिवॉल्वर हाथ में ले ली। वीडियो में वे बाइक के पीछे बैठे हैं और रिवॉल्वर लहराते हुए ट्रक का पीछा कर रहे हैं। टीम ने करीब 16 किलोमीटर तक ट्रक का पीछा किया। रास्ते में गुजर रहे लोग रिवॉल्वर देखकर दहशत में आ गए। कई राहगीरों ने मोबाइल से वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर फैल चुका है।
रेंजर अनिल कुमार ने खुद बताया कि ट्रक चालक ने वाहन तेजी से भगाने का प्रयास किया था। ऐसे में सुरक्षा के लिए हथियार बाहर निकालना पड़ा। ट्रक को वन डिपो ले जाते समय भी उन्होंने हथियार साथ रखा। आखिरकार ट्रक को रोका गया। चालक शाहिद खान को गिरफ्तार कर लिया गया। ट्रक को वन डिपो में खड़ा कर दिया गया है। आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है।
देवास की घटना ने पूरे विभाग को झकझोर दिया है। टीआई दिलीप पुरी शिक्षक से पुलिस अधिकारी बने थे। अवैध शराब की सूचना पर वे टीम के साथ इंदौर-बैतूल हाईवे पर पहुंचे थे। ट्रक रोकने की कोशिश में चालक ने गाड़ी आगे बढ़ा दी। दिलीप पुरी उसकी चपेट में आ गए। अस्पताल में दो घंटे तक इलाज चला लेकिन वे बच नहीं सके। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायता और पत्नी को एसआई पद पर नियुक्ति की घोषणा की है। एसआईटी गठित हो चुकी है।
दोनों घटनाएं अलग-अलग जिले की हैं लेकिन उनका संदेश एक ही है। अवैध खनन और शराब तस्करी के नेटवर्क अब इतने बेखौफ हो गए हैं कि अफसरों को अपनी जान बचाने के लिए हथियार निकालना पड़ रहा है। विदिशा में पहले भी अवैध पत्थर खनन के कई मामले सामने आ चुके हैं। वन भूमि पर खुलेआम उत्खनन और परिवहन की शिकायतें पुरानी हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग की कार्रवाई और मौके पर बने हालात चर्चा में हैं। अधिकारी अब पहले से ज्यादा सतर्क दिख रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या सिर्फ सतर्कता काफी है। जब तक माफिया नेटवर्क पर लगाम नहीं लगती, ऐसे वीडियो और घटनाएं आती रहेंगी।
