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रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल हत्याकांड: आगरा से पकड़ा गया वरुण कुमार, दिल्ली भागने की थी तैयारी

Madhya Pradesh crime : भोपाल के सूरज नगर में हुई हत्या के बाद फरार था हाउस हेल्प वरुण कुमार, पुलिस ने आगरा में दबोचा,अब पूछताछ में खुलेंगे वारदात के राज
Madhya Pradesh crime

 

  • आरोपी वरुण कुमार आगरा से गिरफ्तार, दिल्ली भागने की थी कोशिश
  • वह रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल के घर में हाउस हेल्प था
  • CCTV में वारदात के बाद घर से निकलता दिखा आरोपी
  • घर में गैस नॉजल खुली मिली, आग लगाने की तैयारी का शक
  • मुख्यमंत्री मोहन यादव ने DGP को निगरानी के निर्देश दिए

Madhya Pradesh crime : भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वारदात के बाद से फरार चल रहे हाउस हेल्प वरुण कुमार को उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि वह आगरा से दिल्ली की ओर निकलने की फिराक में था। पुलिस अब उसे भोपाल ला रही है, जहां उससे पूछताछ की जाएगी।

राकेश अग्रवाल की हत्या के बाद पुलिस की जांच का केंद्र घर में काम करने वाला यही कर्मचारी बना था। CCTV फुटेज में भी वह वारदात के बाद घर से निकलता दिखाई दिया था। शुरुआती जांच में सामने आया कि वरुण को घटना से कुछ ही दिन पहले घर पर काम के लिए रखा गया था।

मामला भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र के सूरज नगर का है। 1982 बैच के रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल अपनी पत्नी के साथ रहते थे। बुधवार सुबह उनके घर में उनका शव मिला था। पुलिस की शुरुआती जांच में धारदार हथियार से गर्दन पर वार किए जाने की बात सामने आई थी।

अब आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जांच का अगला महत्वपूर्ण चरण शुरू हो गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी, वारदात कैसे हुई और घटना के बाद आरोपी ने किन रास्तों से भागने की कोशिश की।

आगरा में पकड़ा गया वरुण कुमार

आपके दिए अपडेट के मुताबिक, पुलिस ने वरुण कुमार को आगरा से गिरफ्तार किया है। वह वारदात के बाद लगातार फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।

बताया जा रहा है कि आरोपी आगरा से दिल्ली भागने की कोशिश कर रहा था। गिरफ्तारी के बाद उसे भोपाल लाया जा रहा है। यहां पुलिस उससे विस्तृत पूछताछ करेगी। हालांकि, पूछताछ और जांच पूरी होने से पहले हत्या की वजह या वारदात से जुड़े किसी अन्य पहलू को अंतिम निष्कर्ष के तौर पर पेश करना उचित नहीं होगा।

CCTV फुटेज से मिली थी अहम कड़ी

राकेश अग्रवाल हत्याकांड की जांच में आसपास लगे CCTV कैमरों से पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले थे। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, घर के भीतर CCTV कैमरे नहीं मिले थे। हालांकि, आसपास के रास्तों और एक नजदीकी कैमरे में संदिग्ध कर्मचारी को घटना के बाद जाते हुए देखा गया था। एक फुटेज में वह बैग लेकर जाता दिखाई दिया था।

इसी तरह पुलिस को राकेश अग्रवाल का मोबाइल भी गायब मिला था। जांच के दौरान मोबाइल के कुछ समय के लिए बीना रेलवे स्टेशन पर चालू होने की जानकारी सामने आई थी, जिसके बाद पुलिस ने तलाश का दायरा बीना से आगरा की दिशा तक बढ़ाया।

घर में मिला था खून से सना शव

राकेश अग्रवाल का शव उनके घर के कमरे में मिला था। पुलिस की शुरुआती जांच में गर्दन पर धारदार हथियार से वार के निशान मिले थे। घटना के समय उनकी पत्नी घर में ही मौजूद थीं, लेकिन वह दूसरे कमरे में सो रही थीं। सूचना मिलने के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। जांच के दौरान घर की अलमारी के ताले टूटे मिलने और कुछ सामान के गायब होने की जानकारी भी सामने आई थी। पुलिस ने इन पहलुओं को भी जांच का हिस्सा बनाया।

LPG पाइप खुला मिला, घर में आग लगाने की आशंका

इस हत्याकांड में एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया था। पुलिस को घर की रसोई में LPG से जुड़ा पाइप खुला मिला था। जांच एजेंसियों ने आशंका जताई थी कि वारदात के बाद घर में आग लगाने की कोशिश की गई हो सकती है। कुछ रिपोर्टों में यह भी बताया गया कि बिजली का आयरन चालू मिला था। हालांकि, इस पहलू की पूरी तस्वीर जांच और पूछताछ के बाद ही स्पष्ट होगी।

वरुण को कुछ दिन पहले ही रखा गया था काम पर

पुलिस की जांच में सामने आया कि वरुण कुमार को राकेश अग्रवाल के घर पर देखभाल के काम के लिए हाल ही में रखा गया था। रिपोर्टों के मुताबिक, उसे एक एजेंसी के माध्यम से काम मिला था। इसी वजह से पुलिस ने उस एजेंसी से भी पूछताछ की और कर्मचारी की पहचान व दस्तावेजों से जुड़े पहलुओं की जांच की।

CM मोहन यादव ने दिए थे सख्त कार्रवाई के निर्देश

मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी संज्ञान लिया था। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पुलिस महानिदेशक को मामले की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए थे।उन्होंने कहा था कि घटना के संबंध में दोषियों की पहचान कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी और किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने दिवंगत राकेश अग्रवाल के परिवार के प्रति संवेदना भी व्यक्त की थी।