- नर्मदापुरम के केसला स्थित जामुन ढोल गांव में एक युवक 120 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ा।
- युवक की पहचान कमल धुर्वे के रूप में हुई, जो प्रेम प्रसंग के कारण तनाव में था।
- प्रशासन ने तुरंत 125 KV हाईटेंशन लाइन की बिजली सप्लाई बंद करवाई।
- SDERF और स्थानीय पुलिस ने 5 घंटे के रेस्क्यू के बाद युवक को सुरक्षित बचाया।
- युवक का फिलहाल सुखतवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज और काउंसलिंग जारी है।
Narmadapuram News Today : नर्मदापुरम जिले के
केसला थाना क्षेत्र में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक सनक में आकर 125 KV की हाईटेंशन लाइन के विशालकाय टावर पर चढ़ गया। जामुन ढोल गांव के रहने वाले कमल धुर्वे ने प्रेम प्रसंग से उपजे मानसिक तनाव के कारण यह आत्मघाती कदम उठाया। करीब 120 फीट की ऊंचाई पर युवक को देखकर ग्रामीणों के हाथ-पांव फूल गए। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस, SDERF और बिजली विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और करीब 5 घंटे तक चले जोखिम भरे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। ग्राम जामुन ढोल का रहने वाला कमल धुर्वे पिता संतोष धुर्वे पिछले कुछ समय से किसी बात को लेकर मानसिक तनाव में था। स्थानीय लोगों के अनुसार, मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा था। इसी आवेश में आकर वह गांव के पास से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के टावर की ओर भागा और देखते ही देखते उसके शिखर पर जा पहुंचा। जब गांव वालों ने उसे इतनी ऊंचाई पर देखा, तो पूरे इलाके में शोर मच गया। युवक टावर के सबसे ऊपरी हिस्से पर बैठा था, जहां जरा सी चूक उसकी जान ले सकती थी। https://twitter.com/mpbignews/status/2051216979487560010 घटना की सूचना मिलते ही केसला पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल बिजली विभाग (MPEB) को सूचित किया गया और लाइन की बिजली आपूर्ति बंद कराई गई ताकि करंट लगने का खतरा न रहे। इसके बाद होमगार्ड और SDERF की टीम आधुनिक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस के अधिकारियों ने नीचे से ही युवक को बातों में उलझाए रखा और उसे समझाने की कोशिश की, ताकि वह कोई गलत कदम न उठाए। रेस्क्यू टीम के सदस्य धीरे-धीरे टावर पर चढ़े। युवक शुरुआत में नीचे आने को तैयार नहीं था और ऊपर से ही विरोध कर रहा था। हालांकि, टीम ने हार नहीं मानी और निरंतर समझाइश के साथ तकनीकी कौशल का परिचय दिया। करीब 5 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद टीम युवक तक पहुंची और उसे सुरक्षित तरीके से नीचे उतारने में कामयाब रही। नीचे खड़े ग्रामीण और परिजन इस सफल रेस्क्यू के बाद राहत की सांस ले पाए। टावर से नीचे उतारते ही मौके पर मौजूद एंबुलेंस की मदद से कमल को तुरंत सुखतवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच के बाद बताया कि युवक शारीरिक रूप से पूरी तरह ठीक है, लेकिन वह गहरे मानसिक सदमे में है। फिलहाल उसे विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया है। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है कि आखिर किन परिस्थितियों ने युवक को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर किया। क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन और रेस्क्यू टीम की जमकर तारीफ की है। समय रहते बिजली बंद होना और SDERF की फुर्ती इस युवक की जान बचाने में सबसे अहम साबित हुई। पुलिस का कहना है कि युवक के सामान्य होने पर उसके बयान दर्ज किए जाएंगे ताकि घटना के पीछे की असली वजह साफ हो सके।