मैहर शारदा धाम में 11 दिन बंद रहेगा रोपवे, 1063 सीढ़ियां चढ़कर होंगे मां के दर्शन
Mp Big News,Maihar Sharda Temple News : मैहर के मां शारदा देवी मंदिर में दर्शन की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए जरूरी खबर है। शारदीय नवरात्रि मेले से पहले मंदिर तक पहुंचने वाली दामोदर रोपवे सेवा को 11 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। यह बदलाव 21 सितंबर 2026 से लागू है और 1 अक्टूबर 2026 तक रोपवे सेवा उपलब्ध नहीं रहेगी।
इस दौरान त्रिकूट पर्वत पर स्थित मां शारदा मंदिर तक जाने वाले भक्तों को वैकल्पिक व्यवस्था का इस्तेमाल करना होगा। पैदल जाने वाले श्रद्धालु 1063 सीढ़ियां चढ़कर मंदिर तक पहुंच सकते हैं। वहीं बुजुर्गों, बच्चों और ऐसे श्रद्धालुओं के लिए शारदा एक्सप्रेस वैन सेवा राहत देगी, जिन्हें पूरी सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी हो सकती है।
यह फैसला नवरात्रि के दौरान बढ़ने वाली भीड़ से पहले रोपवे के जरूरी तकनीकी रखरखाव और सुरक्षा जांच को पूरा करने के लिए लिया गया है। मंदिर समिति की प्रशासक और एसडीएम दिव्या पटेल ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।
21 सितंबर से 1 अक्टूबर तक बंद रहेगा मैहर रोपवे
दामोदर रोपवे इन्फ्रा लिमिटेड ने 14 सितंबर को मंदिर प्रबंधन को पत्र भेजकर 11 दिनों के शटडाउन की अनुमति मांगी थी। कंपनी की ओर से नवरात्रि मेले से पहले रोपवे की तकनीकी जांच और जरूरी मेंटेनेंस के लिए समय मांगा गया था।
नवरात्रि के दौरान मैहर में श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे समय में रोपवे की केबल, केबिन और दूसरे तकनीकी हिस्सों की जांच पहले से पूरी करना महत्वपूर्ण हो जाता है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कंपनी के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
मैहर जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट भी मां शारदा मंदिर और मैहर रोपवे को प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों में शामिल करती है। जिला प्रशासन के अनुसार मैहर मध्य प्रदेश का 55वां जिला है, जो 5 अक्टूबर 2023 को सतना से अलग होकर अस्तित्व में आया।
श्रद्धालुओं को 1063 सीढ़ियां चढ़नी होंगी
रोपवे सेवा बंद रहने का सबसे सीधा असर उन भक्तों पर पड़ेगा जो आमतौर पर रोपवे से पहाड़ी पर मंदिर तक पहुंचते हैं। 21 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच पैदल दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को त्रिकूट पर्वत पर बनी 1063 सीढ़ियां चढ़नी होंगी। इसलिए बच्चों, बुजुर्गों और लंबे सफर से आने वाले परिवारों को यात्रा की योजना बनाते समय अतिरिक्त समय रखना बेहतर रहेगा। 1063 सीढ़ियों का आंकड़ा हालिया स्थानीय रिपोर्टों में भी दिया गया है। हालांकि, हर श्रद्धालु के लिए पूरी सीढ़ियां चढ़ना जरूरी नहीं होगा। प्रशासन ने वैकल्पिक सुविधा के तौर पर शारदा एक्सप्रेस वैन सेवा को चालू रखने की व्यवस्था की है।
बुजुर्गों और बच्चों के लिए शारदा एक्सप्रेस वैन बनी रहेगी विकल्प
रोपवे बंद होने के बावजूद मंदिर पहुंचने का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं होगा। शारदा एक्सप्रेस वैन सेवा जारी रहेगी। रिपोर्टों के अनुसार, यह वैन श्रद्धालुओं को पहाड़ी के निर्धारित पड़ाव तक पहुंचाने में मदद करेगी। इसके बाद मंदिर परिसर तक का बचा हुआ हिस्सा पैदल तय करना होगा।
इस व्यवस्था से खास तौर पर बुजुर्गों, बच्चों और उन लोगों को राहत मिल सकती है जिन्हें लंबी सीढ़ियां चढ़ने में कठिनाई होती है। हालांकि यात्रा से पहले वैन के संचालन समय और उपलब्धता की ताजा जानकारी स्थानीय प्रशासन या मंदिर प्रबंधन से लेना उपयोगी रहेगा।
नवरात्रि से पहले पूरी होगी तैयारी
प्रशासन और रोपवे प्रबंधन का लक्ष्य है कि मेंटेनेंस का पूरा काम 1 अक्टूबर तक खत्म हो जाए। इसके बाद सुरक्षा मानकों के तहत रोपवे का विधिवत ट्रायल किया जाएगा। मकसद यह है कि नवरात्र में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने पर रोपवे सुरक्षित और सुचारु तरीके से चल सके।
यात्रा से पहले क्या ध्यान रखें
प्रशासन ने देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि 21 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच यात्रा की योजना बनाते समय इस बदलाव को ध्यान में रखें। जो लोग सीढ़ियां चढ़ने की स्थिति में नहीं हैं, वे शारदा एक्सप्रेस वैन का विकल्प चुन सकते हैं। यात्रा से पहले मंदिर प्रबंधन से ताजा जानकारी ले लेना बेहतर रहेगा।
