सागर शराब कांड: 15 मौतों के बाद CM मोहन यादव का एक्शन, कमिश्नर-IG दोनों बदले, न्यायिक जांच के आदेश
Mp Big News , Mohan Yadav news today : सागर जहरीली शराब कांड में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सख्त कदम उठाते हुए न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। सागर संभाग के प्रशासन और पुलिस नेतृत्व में बदलाव किया गया है। दिलीप कुमार को नया संभागायुक्त और इरशाद वली को नया आईजी बनाया गया है।
मध्य प्रदेश के सागर जिले में अवैध शराब से जुड़ी त्रासदी के बाद सरकार ने जांच और जवाबदेही का दायरा बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को सागर पहुंचकर बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में भर्ती पीड़ितों और उनके परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने मामले की न्यायिक जांच के निर्देश दिए।
सरकार का फोकस अब सिर्फ शराब की सप्लाई करने वालों तक सीमित नहीं है। यह भी पता लगाया जाएगा कि अवैध शराब का कारोबार कैसे चल रहा था, संबंधित स्तरों पर निगरानी में कहां कमी रही और घटना को रोकने में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं।
न्यायिक जांच से क्या बदलेगा?
न्यायिक जांच का सबसे अहम पहलू जिम्मेदारी तय करना है। जांच के दौरान घटना से जुड़े तथ्यों, प्रशासनिक कार्रवाई, पुलिस और आबकारी तंत्र की भूमिका तथा अन्य संबंधित पहलुओं की पड़ताल की जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि लापरवाही और अनियमितता को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। जांच में जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है। इससे पहले स्थानीय स्तर पर मजिस्ट्रियल जांच भी शुरू की गई थी। अब न्यायिक जांच के आदेश के बाद मामले की निगाह व्यापक और स्वतंत्र जांच पर टिक गई है।
सागर संभाग में कमिश्नर और IG बदले
मुख्यमंत्री के एक्शन के साथ प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा बदलाव किया गया है। दिलीप कुमार को सागर का नया संभागायुक्त बनाया गया है, जबकि इरशाद वली को सागर संभाग का नया आईजी नियुक्त किया गया है।
दिलीप कुमार 2006 बैच के IAS अधिकारी हैं। उन्होंने सागर संभागायुक्त के रूप में पदभार भी ग्रहण कर लिया है। इससे पहले वे उद्योग आयुक्त की जिम्मेदारी संभाल रहे थे और उनके पास लघु उद्योग निगम के प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार भी था। उन्होंने अनिल सुचारी की जगह ली है।
यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब सरकार ने सागर मामले में प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सख्त रुख अपनाया है। ऐसे में नए अधिकारियों के सामने अवैध शराब के नेटवर्क पर कार्रवाई और कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ी जिम्मेदारी होगी।

पीड़ितों से मिलने सीधे सागर पहुंचे CM मोहन यादव
विदेश दौरे से लौटने के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव बुधवार, 9 सितंबर को सीधे सागर पहुंचे। उन्होंने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में जहरीली शराब पीने से बीमार हुए लोगों का हाल जाना।
मुख्यमंत्री ने डॉक्टरों से भी मरीजों की स्थिति और इलाज के बारे में जानकारी ली। उन्होंने पीड़ित परिवारों से बातचीत कर उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार मामले में कठोर कार्रवाई करेगी।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान दोषियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की बात कही, जिससे भविष्य में इस तरह का अपराध करने वालों के बीच सख्त संदेश जाए। उन्होंने अधिकारियों को कार्रवाई के लिए पूरी छूट देने की बात भी कही।
अवैध शराब के नेटवर्क पर भी नजर
इस मामले में जांच का एक बड़ा सवाल यह है कि जहरीली या अवैध शराब लोगों तक कैसे पहुंची। जांच एजेंसियां कथित सप्लाई नेटवर्क और इससे जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।
इस बीच शराब के स्रोत को लेकर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों के बीच भी बयान सामने आए। सागर पुलिस की ओर से ललितपुर कनेक्शन की बात कही गई थी, जबकि यूपी के अधिकारियों ने इस दावे पर आपत्ति जताते हुए ठोस सबूत साझा करने की बात कही। इसलिए शराब के वास्तविक स्रोत पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जाना चाहिए।
