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सागर जहरीली शराब कांड: मौतों का आंकड़ा 15 पार, 20 आरोपी नामजद, प्रशासन में हड़कंप, पांच अधिकारी सस्पेंड

Sagar Sharab Death Case

Mp Big News,Sagar Sharab Death Case: मध्य प्रदेश के सागर जिले से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। बंडा और शाहगढ़ इलाके के कई गांवों में जहरीली शराब पीने से अब तक 15 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। दर्जनों लोग अभी भी अलग-अलग अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। यह घटना इतनी गंभीर है कि पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है। पुलिस और प्रशासन दोनों हरकत में आ गए हैं, और अब तक इस मामले में बड़ी कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है।

किन गांवों में मचा कोहराम

नौराज, गूगरा खुर्द, दलपतपुर, पाटन, चौका, छापरी और बमूरा भेड़ा  इन गांवों के लोग अचानक बीमार पड़ने लगे। संदिग्ध शराब पीने के कुछ ही घंटों बाद तबीयत इतनी बिगड़ी कि लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाना पड़ा।

बीमार लोगों को बंडा अस्पताल, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) सागर और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक मरीज की हालत ज्यादा नाजुक होने पर उसे एयर एंबुलेंस के जरिए भोपाल रेफर किया गया।

मौत की असल वजह की पुष्टि के लिए डॉक्टरों ने विसरा सैंपल और बरामद शराब के नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि शराब में आखिर मिलाया क्या गया था।

20 आरोपियों पर FIR, 10 गिरफ्तार

मामले की नजाकत को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने तुरंत विशेष टीमें गठित कीं। इन टीमों ने अलग-अलग जगहों पर छापेमारी करके सबूत जुटाने शुरू कर दिए।

बंडा थाने में केस नंबर 0658/2026 दर्ज किया गया है, जिसमें 20 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। इनमें से 10 को पुलिस अब तक गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपियों पर BNS की धारा 105, 3(5), 123 और आबकारी अधिनियम की धारा 49-A के तहत मामला दर्ज हुआ है।

आबकारी विभाग के पांच अधिकारी सस्पेंड

इतनी बड़ी लापरवाही के बाद सरकार ने भी सख्त रुख अपनाया है। आबकारी आयुक्त ग्वालियर दीपक सक्सेना ने बताया कि सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा की आबकारी उप निरीक्षक रोशनी उरेते को निलंबित कर दिया गया है।

इसके साथ ही गुगरा चौकी प्रभारी पूरण लाडिया और बंडा थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह कुशवाहा को भी सस्पेंड किया गया है। यानी पुलिस और आबकारी दोनों महकमों में जिम्मेदारों पर गाज गिरी है।

सरकार ने जांच और कार्रवाई तेज की

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का फोकस फिलहाल प्रभावित लोगों को इलाज उपलब्ध कराने, मौतों के वास्तविक कारण की जांच करने और अवैध शराब के नेटवर्क तक पहुंचने पर है।

मौतों के कारणों की पुष्टि के लिए विसरा और शराब के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। यही जांच यह स्पष्ट करने में मदद करेगी कि मौतों के पीछे शराब में कौन-सा जहरीला पदार्थ था और उसकी मात्रा कितनी थी।


विपक्ष ने सरकार को घेरा

इस हादसे के बाद सियासत भी गरमा गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने बंडा ब्लॉक के शराब कांड को लेकर बीजेपी सरकार पर सीधा हमला बोला।

उनका कहना है कि गूगरा खुर्द, नौराज़ और बैराज जैसे गांवों में जहरीली शराब ने एक दर्जन से ज्यादा लोगों की जान ले ली, जबकि 35 से ज्यादा लोग अभी भी अस्पताल में जिंदगी के लिए लड़ रहे हैं। उनके मुताबिक, यह सब सरकार की छत्रछाया में चल रहे अवैध शराब कारोबार का नतीजा है।


कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी इस मुद्दे पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि वे पहले भी सागर में अवैध शराब की बिक्री को मिल रहे सरकारी संरक्षण पर सवाल उठा चुके हैं, और अब इस पूरे नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।


यूपी से जुड़ा मिलावटी शराब का रैकेट

जांच में अभी तक जो जानकारी सामने आई है, वह और भी चौंकाने वाली है। शुरुआती पड़ताल बताती है कि सागर में उत्तर प्रदेश से जुड़ा एक रैकेट मिलावटी शराब की सप्लाई कर रहा था।

इस खुलासे के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सागर जिले के प्रभारी मंत्री को तुरंत मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी भी बना दी गई है, जो पूरे मामले की तह तक जाने का काम करेगी।