सागर जहरीली शराब कांड: थाना प्रभारियों से लेकर SDM-SDOP तक, एक झटके में बदल गई पूरी टीम
Sagar Spurious Liquor Incident : मध्यप्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब कांड ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है. इस मामले के सामने आते ही जिले में अफसरों की पूरी टीम बदल दी गई है. पुलिस से लेकर राजस्व और आबकारी विभाग तक, हर जगह कार्रवाई का दौर जारी है.
बंडा और छानबीला थाने में नए चेहरे
सागर जिले के बंडा पुलिस थाने की कमान अब आनंद सिंह ठाकुर के हाथों में है. पुलिस महकमे में आनंद सिंह ठाकुर की गिनती तेज-तर्रार अफसरों में होती है, इसलिए उनकी नियुक्ति को अहम माना जा रहा है. इसी तरह छानबीला थाने का प्रभार अब विद्यानंद यादव को सौंपा गया है.
यह बदलाव यूं ही नहीं हुआ. जहरीली शराब कांड सामने आने के बाद जिला पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने सख्त रुख अपनाते हुए उस समय बंडा थाने के प्रभारी रहे राजेंद्र कुशवाहा और गूगरा खुद थाना प्रभारी पूरनलाल लाडिया को सस्पेंड कर दिया था.
SDM और SDOP भी हटाए गए
सिर्फ पुलिस महकमे में ही नहीं, प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा फेरबदल हुआ है. कलेक्टर ने सोमवार, 7 सितंबर 2026 को बंडा की SDM आरती यादव को उनके पद से हटाकर सागर जिला कलेक्टर कार्यालय में अटैच कर दिया. अब बंडा एसडीएम की जिम्मेदारी संजय कुमार जैन को सौंपी गई है.
पुलिस महकमे में भी इसी तरह की कार्रवाई देखने को मिली. बंडा SDOP प्रदीप वाल्मीकि को पद से हटाकर भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया है. उनकी जगह अब रोहित लखारे यह जिम्मेदारी संभालेंगे.
अब नहीं बिकेगी 'बाम्बे व्हिस्की' और 'सागर गोल्ड'
जहरीली शराब कांड के बाद सबसे बड़ा असर आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर पड़ा है. विभाग ने साफ कर दिया है कि जिले में अब बाम्बे व्हिस्की और सागर गोल्ड ब्रांड की शराब की बिक्री नहीं होगी. इन दोनों ब्रांड पर रोक लगा दी गई है.
इसके अलावा जिले की सभी शराब दुकानों का भौतिक निरीक्षण किया जाएगा, ताकि गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न बचे. आबकारी विभाग ने यह भी तय किया है कि बिना लेबल वाली शराब की बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी. बोतलों पर लगे लेबल की बारीकी से जांच होगी. साथ ही परमिट के लिए बैच नंबर और क्यूआर कोड का मिलान भी अनिवार्य किया गया है, जिससे नकली या मिलावटी शराब की सप्लाई पर लगाम लगाई जा सके.
