सावन गया, बारिश नहीं गई! MP के 11 जिलों में आज फिर झमाझम बारिश का अलर्ट
MP Monsoon Update Today : मध्य प्रदेश में सावन का महीना भले ही बीत गया हो, लेकिन बारिश का सिलसिला अभी थमता नजर नहीं आ रहा है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में मानसूनी गतिविधियां ज्यादा सक्रिय बनी हुई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक 31 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवा की चेतावनी है।
पिछले 24 घंटे में भी रीवा और शहडोल संभाग के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है। जबलपुर संभाग में भी कई स्थानों पर बारिश हुई, जबकि प्रदेश के दूसरे हिस्सों में मौसम कहीं-कहीं शुष्क रहा। ऐसे में रीवा, सतना, सीधी, मऊगंज और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को आज मौसम पर खास नजर रखनी होगी।
पूर्वी MP में आज ज्यादा सक्रिय रहेंगे बादल
IMD के ताजा पूर्वानुमान में पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए 31 अगस्त को भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी दी गई है। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में आज मुख्य रूप से गरज-चमक और तेज हवा की संभावना बताई गई है।
पूर्वी हिस्से में सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट जैसे इलाकों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। कुछ स्थानों पर बारिश के दौरान तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने का खतरा भी रहेगा। इसलिए केवल बारिश देखकर मौसम को सामान्य समझना ठीक नहीं होगा।
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार सीधी, रीवा, मऊगंज, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट में आज भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग की भाषा में 64.5 से 115.5 मिलीमीटर बारिश को भारी बारिश की श्रेणी में रखा जाता है। ऐसे दौर में निचले इलाकों में पानी भरने, छोटी नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने और स्थानीय आवागमन प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है।बारिश का असर केवल शहरों तक सीमित नहीं रहेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम करने वाले किसानों को भी गरज-चमक के दौरान विशेष सावधानी रखनी होगी।
चित्रकूट में बढ़ा था मंदाकिनी का जलस्तर
बारिश के इस दौर का असर चित्रकूट में भी देखने को मिला है। बीते दिनों मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद कई निचले इलाकों में पानी पहुंचा और आश्रम, बाजार तथा मंदिर परिसर प्रभावित हुए। नदी और नालों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए ऐसी स्थिति खास तौर पर चिंता बढ़ा सकती है। अगर लगातार बारिश होती है तो स्थानीय जलस्तर में अचानक बदलाव संभव है। इसलिए प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय चेतावनियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
31 अगस्त के बाद भी बारिश से राहत नहीं
बारिश को लेकर तस्वीर सिर्फ आज तक सीमित नहीं है। IMD के ताजा सात-दिवसीय पूर्वानुमान में पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए 1 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक, जबकि 2 और 3 सितंबर को बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 4 और 5 सितंबर को भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 1 और 2 सितंबर को भारी बारिश की संभावना बताई गई है। इसके बाद 3 से 5 सितंबर के बीच बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। यानी मानसून का असर अभी खत्म नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं।
तापमान में बहुत बड़ा बदलाव नहीं
बारिश के बावजूद प्रदेश के तापमान में फिलहाल बहुत बड़ा बदलाव देखने की उम्मीद नहीं है। पिछले 24 घंटे में पचमढ़ी का न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि खजुराहो में अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
