जबलपुर में देह व्यापार का भंडाफोड़: सरस्वती कॉलोनी में चल रहा था अवैध धंधा
Jabalpur Crime News : जबलपुर के अधारताल थाना क्षेत्र से एक बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आई है। शहर की सरस्वती कॉलोनी के पन्नी मोहल्ले में एक घर के अंदर बड़े स्तर पर देह व्यापार का काला कारोबार चल रहा था। पुलिस ने जब इस अड्डे पर दबिश दी, तो वहां का मंजर देखकर सभी दंग रह गए। एसपी संपत उपाध्याय को मुखबिर से लगातार सूचनाएं मिल रही थीं कि इस रिहायशी इलाके में कुछ गलत हो रहा है। इसके बाद पुलिस ने एक पुख्ता रणनीति बनाई और इस पूरे रैकेट को रंगे हाथों पकड़ने का फैसला किया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एएसपी अनु बेनीवाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम तैयार की गई। पुलिस ने सीधे छापेमारी करने के बजाय एक नकली ग्राहक को वहां भेजा। मामला पक्का करने के लिए उस ग्राहक ने संचालकों से सौदा तय किया और जैसे ही उसने पुलिस टीम को इशारा किया, अधिकारियों ने चारों तरफ से मकान को घेर लिया। यह कार्रवाई इतनी अचानक थी कि आरोपियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पुलिस की इस कार्रवाई ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। इस धंधे को संचालित करने में पूरा परिवार जुटा हुआ था। छापेमारी के दौरान मंजू निखर, उसके पति मुकेश निखर और बेटे आरूष निखर को पुलिस ने हिरासत में लिया है। जांच में जो बातें सामने आईं, वे दिल दहला देने वाली हैं। वहां फंसी एक महिला ने बताया कि वह आर्थिक मजबूरी का फायदा उठाकर इस दलदल में धकेली गई थी। महिला ने आरोप लगाया कि मंजू निखर न सिर्फ ग्राहकों से सौदा करती थी, बल्कि उसे ब्लैकमेल भी किया जाता था। जब वह इस काम से मना करती, तो उसे उसके पति को सब कुछ बताने की धमकी दी जाती थी।
आरोपियों का काम करने का तरीका बेहद शातिर था। वे मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते थे और पहले ग्राहकों को व्हाट्सएप पर लड़कियों की फोटो भेजी जाती थी। जब सौदा एक हजार रुपये में फाइनल हो जाता, तभी ग्राहक को पता और समय बताया जाता था। पुलिस ने जब मकान की तलाशी ली, तो वहां से आपत्तिजनक सामग्री, नकद राशि और कई मोबाइल फोन बरामद किए गए। मकान की पहली मंजिल से तीन ग्राहकों को भी पकड़ा गया, जिन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। इस पूरे मामले में पुलिस ने कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम की सख्त धाराओं और बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया है। जप्त किए गए मोबाइल और अन्य सामानों के जरिए पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस रैकेट की जड़ें और कितनी गहरी हैं और इसमें कौन-कौन से चेहरे शामिल हैं। फिलहाल पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि यह नेटवर्क शहर के किन-किन इलाकों में फैला हुआ था।
आरोपियों का काम करने का तरीका बेहद शातिर था। वे मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते थे और पहले ग्राहकों को व्हाट्सएप पर लड़कियों की फोटो भेजी जाती थी। जब सौदा एक हजार रुपये में फाइनल हो जाता, तभी ग्राहक को पता और समय बताया जाता था। पुलिस ने जब मकान की तलाशी ली, तो वहां से आपत्तिजनक सामग्री, नकद राशि और कई मोबाइल फोन बरामद किए गए। मकान की पहली मंजिल से तीन ग्राहकों को भी पकड़ा गया, जिन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। इस पूरे मामले में पुलिस ने कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम की सख्त धाराओं और बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया है। जप्त किए गए मोबाइल और अन्य सामानों के जरिए पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस रैकेट की जड़ें और कितनी गहरी हैं और इसमें कौन-कौन से चेहरे शामिल हैं। फिलहाल पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि यह नेटवर्क शहर के किन-किन इलाकों में फैला हुआ था।