बागेश्वर धाम वाले धीरेंद्र शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग पर फायरिंग का आरोप, मोतीलाल गंभीर घायल
Bageshwar Dham latest update : बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हमेशा अपनी कथाओं और बयानों की वजह से चर्चा में रहते हैं, लेकिन इस बार मामला उनके घर का है। उनके छोटे भाई शालिग्राम गर्ग एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गए हैं। इस बार उन पर जो आरोप लगे हैं, वे काफी गंभीर हैं। मामला जमीन विवाद का है, लेकिन बात गोलीबारी तक पहुंच गई है, जिसने इलाके में खलबली मचा दी है। कोना गांव में रहने वाले मोतीलाल कुशवाहा पर फायरिंग करने का आरोप शालिग्राम गर्ग पर लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि मामला मामूली नहीं, बल्कि गहरी रंजिश का है। घटना के बाद जो तस्वीरें सामने आई हैं, उनमें घायल मोतीलाल की हालत देखकर लोग सहम गए हैं। कहा जा रहा है कि फायरिंग के दौरान गोलियां उनके सिर और कान के पास से होकर गुजरीं। डॉक्टरों के मुताबिक, एक गोली अभी भी उनके शरीर के अंदर फंसी हुई है, जिसे निकालने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल, घायल मोतीलाल का इलाज छतरपुर जिला अस्पताल में चल रहा है। अस्पताल में उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पीड़ित पक्ष का सीधा आरोप है कि शालिग्राम गर्ग अपने साथियों के साथ वहां पहुंचे थे। उनका दावा है कि जमीन के एक पुराने विवाद को लेकर यह हमला किया गया है। मोतीलाल के भाई ने बताया कि गांव के ही एक ब्राह्मण परिवार की जमीन को लेकर विवाद चल रहा था, जिसमें मोतीलाल उस परिवार की मदद कर रहे थे। इसी बात से नाराज होकर यह पूरी घटना अंजाम दी गई। सोशल मीडिया पर इस घटना के कुछ वीडियो भी वायरल हो रहे हैं, जिन्हें देखकर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। पुलिस अब इन वीडियो की जांच कर रही है ताकि सच सामने आ सके। जिला प्रशासन भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस मुस्तैद है। छतरपुर जैसे शांत इलाके में सरेआम फायरिंग की इस घटना ने आम जनता को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर कानून हाथ में लेने की हिम्मत किसे मिल रही है। शालिग्राम गर्ग का विवादों से नाता कोई नया नहीं है। इससे पहले भी उन पर कई संगीन आरोप लग चुके हैं। कभी टोल प्लाजा पर कर्मचारियों के साथ मारपीट का मामला हो या फिर किसी शादी समारोह में हंगामा करने का आरोप, शालिग्राम का नाम सुर्खियों में बना रहता है। दलित युवती की शादी में उनके द्वारा किए गए हंगामे का वीडियो भी काफी समय तक चर्चा में रहा था। इन पुराने मामलों की वजह से लोग अब इस नई घटना को लेकर और ज्यादा गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर पहले हुई घटनाओं पर सख्त कार्रवाई हुई होती, तो शायद आज यह नौबत नहीं आती। मोतीलाल के शरीर में फंसी गोली उनके लिए जानलेवा साबित हो सकती है, जो इस घटना की गंभीरता को बढ़ा देती है। एक्स-रे रिपोर्ट्स में गोली के निशान मिलने के बाद पुलिस ने भी मामले की छानबीन तेज कर दी है। अब देखना यह है कि क्या इस बार कानून अपना काम निष्पक्ष रूप से करता है या फिर मामला हमेशा की तरह ठंडे बस्ते में चला जाता है।
