Singrauli News Hindi : मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से
आज एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई। चितरंगी थाना क्षेत्र के धानी गांव में सोमवार की सुबह करीब 10 बजे एक नाबालिग लड़की अपने प्रेमी से हुए झगड़े के बाद 150 फीट ऊंचे हाई-टेंशन बिजली के टावर पर चढ़ गई। लड़की को इतनी ऊंचाई पर देखकर पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते वहां सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। लड़की के पास उसका मोबाइल फोन था, लेकिन वह किसी का फोन नहीं उठा रही थी। घटना की जानकारी मिलते ही चितरंगी थाना प्रभारी सुदेश तिवारी अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बेहद सूझबूझ दिखाते हुए लड़की के प्रेमी को ढूंढा और उसके जरिए कॉन्फ्रेंस कॉल पर बात करके करीब 3 घंटे बाद दोपहर 1 बजे किशोरी को सुरक्षित नीचे उतार लिया।
सुबह 10 बजे शुरू हुआ धानी गांव में हंगामा
यह पूरा मामला चितरंगी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले धानी गांव का है। ग्रामीणों के अनुसार, सुबह करीब 10 बजे उन्होंने एक लड़की को तेजी से बिजली के ऊंचे टावर पर चढ़ते हुए देखा। जब तक लोग कुछ समझ पाते, वह लगभग 150 फीट की ऊंचाई पर पहुंच चुकी थी। इतनी भारी क्षमता वाली बिजली की लाइनों के बीच लड़की को देखकर गांव के लोग डर गए। तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। थाना प्रभारी सुदेश तिवारी बिना वक्त गंवाए पुलिस बल के साथ धानी गांव पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया।
मोबाइल साथ था, पर किसी से बात करने को तैयार नहीं थी किशोरी
टावर पर चढ़ी नाबालिग अपने साथ अपना मोबाइल फोन भी ले गई थी। नीचे खड़ी पुलिस और उसके परिजन लगातार उसके नंबर पर फोन लगा रहे थे, लेकिन वह किसी का भी कॉल रिसीव नहीं कर रही थी। इसके बाद पुलिस ने लड़की के परिवार वालों से कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान यह बात खुलकर सामने आई कि लड़की का गांव के ही एक युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा है। आज सुबह ही दोनों के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था, जिससे नाराज होकर और गुस्से में आकर उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
कॉन्फ्रेंस कॉल से बनी बात
लड़की की जिद और खतरे को देखते हुए थाना प्रभारी सुदेश तिवारी ने योजना बनाई। पुलिस ने तुरंत उस युवक से संपर्क किया जिससे लड़की का विवाद हुआ था। युवक को मौके पर बुलाकर उसके मोबाइल से लड़की को फोन लगाया गया। जैसे ही लड़की ने अपने प्रेमी का फोन उठाया, पुलिस ने तुरंत उस कॉल को कॉन्फ्रेंस पर ले लिया। इसके बाद, पुलिस अधिकारियों और परिवार के सदस्यों ने बड़े ही संयम के साथ लड़की की काउंसलिंग शुरू की। उसे यह समझाया गया लगातार समझाने-बुझाने और उसके बॉयफ्रेंड की मौजूदगी के बाद, लड़की का गुस्सा शांत हो गया और वह नीचे आने के लिए राज़ी हो गई।
दोपहर 1 बजे ली राहत की सांस
करीब 3 घंटे तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे का दोपहर लगभग 1 बजे सुखद अंत हुआ जब किशोरी सुरक्षित रूप से टावर से नीचे आ गई। नीचे आते ही पुलिस ने बिना देरी किए उसे एम्बुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसकी मेडिकल जांच की। डॉक्टरों के मुताबिक, समय पर रेस्क्यू होने के कारण लड़की पूरी तरह सुरक्षित और सामान्य है। चितरंगी पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और दोनों पक्षों के परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।