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सब इंस्पेक्टर ने शादी का झांसा देकर युवती से किया दुराचार, निलंबित होकर पहुंचा जेल


Madhya Pradesh Crime News : वर्दी का मतलब होता है भरोसा। लेकिन जब यही वर्दी किसी की जिंदगी तबाह करने का हथियार बन जाए, तो सवाल उठना लाजमी है। मध्यप्रदेश के विदिशा जिले से एक ऐसी ही खबर सामने आई है, जिसने पुलिस महकमे की साख पर गहरा धब्बा लगाया है।

सिविल लाइन थाने के सब इंस्पेक्टर पर गंभीर आरोप

विदिशा के सिविल लाइन थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर जयप्रकाश रसीले पर एक युवती ने शादी का झांसा देकर दुराचार करने का आरोप लगाया है। पीड़िता लटेरी क्षेत्र की रहने वाली है। उसका आरोप है कि आरोपी सब इंस्पेक्टर ने शादी का वादा कर उसके साथ दुराचार किया। जब पीड़िता ने जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से इसकी शिकायत की, तो पूरे पुलिस महकमे में हलचल मच गई।

एसपी ने शिकायत को गंभीरता से लिया, तत्काल जांच के आदेश

शिकायत मिलते ही विदिशा के पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने तुरंत जांच के आदेश दिए। प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर एसपी काशवानी ने बिना देर किए आरोपी सब इंस्पेक्टर जयप्रकाश रसीले को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि उच्च अधिकारी इस तरह के मामलों में किसी को भी बख्शने के मूड में नहीं हैं।

2016 बैच का अधिकारी, अब जेल की सलाखों के पीछे

आरोपी जयप्रकाश रसीले मध्यप्रदेश पुलिस के 2016 बैच का अधिकारी है। यानी करीब नौ साल की सेवा के बाद उसका करियर अब कठघरे में है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर सिविल लाइन थाने में ही आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

एडिशनल एसपी ने की पुष्टि

विदिशा के एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे ने मामले की आधिकारिक रूप से पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया, आरोपी को गिरफ्तार किया गया और अब वह न्यायिक हिरासत में है। कानून की नजर में कोई भी ऊपर नहीं होता। यह मामला उसी सच्चाई को एक बार फिर साबित करता है।

जब रक्षक ही बने भक्षक

यह मामला सिर्फ एक अधिकारी के पतन की कहानी नहीं है। यह उस सवाल को भी खड़ा करता है कि जब पीड़ित खुद पुलिस के डर से थाने नहीं जा पाते, तो वे न्याय के लिए किसके पास जाएं। पीड़िता ने हिम्मत दिखाकर आला अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाई और प्रशासन ने भी त्वरित कार्रवाई की। फिलहाल मामला न्यायालय में विचाराधीन है और जांच जारी है।