Sports News Without Access, Favor, Or Discretion!

  1. Home
  2. Latest Big News

हॉस्पिटल ले चलो..." दर्द से कराहती रही पत्नी, ठगों के आगे हाथ जोड़ता रहा बेबस पति; भोपाल की इस कहानी को पढ़ कांप उठेगा दिल


  • भोपाल के ई-5 अरेरा कॉलोनी में 75 वर्षीय रिटायर्ड अधिकारी अविनाश कक्कड़ हुए डिजिटल अरेस्ट का शिकार।
  • जालसाजों ने फर्जी केस का डर दिखाकर बुजुर्ग दंपत्ति से ₹36 लाख की मोटी रकम ऐंठ ली।
  • डिजिटल अरेस्ट के दौरान पैर फिसलने से बुजुर्ग महिला के कूल्हे की हड्डी टूटी, दर्द से तड़पती रही।
  • क्रूर ठगों ने बुजुर्ग को अपनी घायल पत्नी को अस्पताल ले जाने तक की मोहलत नहीं दी।
  • बेटी-दामाद ने जबरन कमरे में घुसकर बुजुर्ग को बचाया और हबीबगंज पुलिस में ई-जीरो एफआईआर दर्ज कराई।
Digital Arrest Bhopal : भोपाल के पॉश इलाके ई-5 अरेरा कॉलोनी में साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर अमानवीयता की सारी हदें पार कर दीं। एक शातिर गिरोह ने मंडीदीप की एक फैक्ट्री से रिटायर्ड 75 वर्षीय अधिकारी अविनाश कक्कड़ को उनके ही घर में डिजिटल अरेस्ट कर लिया। ठगों ने फर्जी केस की धमकी देकर बुजुर्ग से 36 लाख रुपये तो वसूले ही, साथ ही घर में गंभीर रूप से घायल उनकी पत्नी को अस्पताल ले जाने तक की इजाजत नहीं दी। इस खौफनाक वारदात का खुलासा तब हुआ जब बुजुर्ग ने हिम्मत जुटाकर अपने दामाद को फोन किया। फिलहाल हबीबगंज पुलिस ने इस मामले में ई-जीरो एफआईआर (e-Zero FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कैसे शुरू हुआ डिजिटल अरेस्ट का यह खौफनाक खेल

भोपाल की अरेरा कॉलोनी में रहने वाले अविनाश कक्कड़ अपनी पत्नी शशि कक्कड़ के साथ शांति से रिटायर्ड लाइफ जी रहे थे। अचानक उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को बड़ी जांच एजेंसी का अधिकारी बताया और अविनाश को एक फर्जी गंभीर केस में फंसाने की धमकी दी। डरे-सहमे बुजुर्ग को जालसाजों ने वीडियो कॉल के जरिए चौबीसों घंटे अपनी निगरानी में रख लिया, जिसे साइबर की भाषा में 'डिजिटल अरेस्ट' कहा जाता है। ठगों का खौफ इतना ज्यादा था कि अविनाश कमरे से बाहर निकलने या किसी को फोन करने की हिम्मत तक नहीं जुटा पा रहे थे।

दर्द से तड़पती रही पत्नी, पर ठगों का दिल नहीं पसीजा

इसी डिजिटल अरेस्ट के दौरान घर में एक बड़ा हादसा हो गया। अविनाश की पत्नी शशि कक्कड़ घर का काम करते समय अचानक फर्श पर फिसलकर गिर पड़ीं। गिरने की वजह से उनके कूल्हे की हड्डी टूट गई। वह असहनीय दर्द से चीख रही थीं और कमरे में बंद अपने पति से बार-बार अस्पताल ले जाने की गुहार लगा रही थीं। अविनाश ने रोते हुए ठगों से मिन्नतें कीं, कुछ मिनटों की मोहलत मांगी ताकि वह अपनी पत्नी को डॉक्टर के पास ले जा सकें। लेकिन इन अपराधियों ने क्रूरता दिखाते हुए उन्हें एक मिनट के लिए भी फोन काटने या कमरे से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी।

दामाद के पहुंचते ही खुला राज, पुलिस ने दर्ज किया केस

घंटों तक जब अविनाश से अपनी पत्नी का दर्द और आंसू देखे नहीं गए, तो उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर चुपके से कोलार में रहने वाले अपने दामाद को फोन लगा दिया। फोन पर ससुर की घबराहट और सास की चीखें सुनकर बेटी और दामाद बिना वक्त गंवाए तुरंत अरेरा कॉलोनी पहुंचे। जब वे घर पहुंचे तो अविनाश का कमरा अंदर से बंद था। वे जबरन कमरे का दरवाजा खोलकर अंदर घुसे तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए। अविनाश फोन के सामने डरे-सहमे बैठे थे और दूसरी तरफ शशि दर्द से तड़प रही थीं। बेटी-दामाद ने तुरंत एंबुलेंस बुलाई और शशि कक्कड़ को अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद उन्होंने साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके पुलिस को पूरी आपबीती सुनाई। हबीबगंज थाना पुलिस ने साइबर सेल की मदद से ई-जीरो एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की छानबीन में जुट गई है।