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150 मीटर तक शव घसीटा, फिर भाग निकले आरोपी... खरगोन केस की चौंकाने वाली कहानी

Madhya Pradesh Crime News : मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में 25 जुलाई को मुक्तिधाम में मिले अज्ञात शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। जांच में सामने आया कि युवक की हत्या खाद चोरी की कथित साजिश के दौरान हुई थी।
Madhya Pradesh Crime News

  • पुलिस ने हत्या का दावा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
  • मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के धर्मेंद्र जाटव के रूप में हुई।
  • पुलिस के अनुसार घटना खाद चोरी की कथित योजना के दौरान हुई।

Madhya Pradesh Crime News : खरगोन जिले के बड़वाह थाना क्षेत्र के बरूड़ गांव स्थित हरि मुक्तिधाम में मिले एक लावारिस शव ने कई दिनों तक पुलिस को उलझाए रखा। शुरुआत में मामला सामान्य मौत जैसा लगा, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरी कहानी बदल दी। अब पुलिस का दावा है कि यह हत्या थी और इसके पीछे खाद चोरी की कथित योजना के दौरान हुआ विवाद जिम्मेदार था। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। इस मामले ने इसलिए भी लोगों का ध्यान खींचा क्योंकि मृतक मध्य प्रदेश का नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश का रहने वाला था। ऐसे में शव की पहचान करना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया था।

डायरी और सीने पर लिखे नाम से मिली पहचान

पुलिस के अनुसार, 25 जुलाई को हरि मुक्तिधाम परिसर में एक अज्ञात युवक का शव मिला था। शव के पास रखी एक डायरी में लिखे मोबाइल नंबर और मृतक की छाती पर गुदे हुए "मरेहरा शरीफ निवासी धर्मेंद्र भाई" शब्द जांच की सबसे अहम कड़ी बने। इन्हीं सुरागों के आधार पर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के एटा जिले के मरेहरा कस्बे में रहने वाले परिजनों से संपर्क किया। परिजनों ने शव की पहचान 36 वर्षीय धर्मेंद्र जाटव के रूप में की।

जानकारी के मुताबिक, धर्मेंद्र पेशे से मिस्त्री था। परिवार का कहना है कि वह मानसिक परेशानी से गुजर रहा था और अक्टूबर 2025 में घर छोड़कर चला गया था। इसके बाद से उसका परिवार लगातार उसकी तलाश कर रहा था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली हत्या की परतें

शुरुआत में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पूरा मामला बदल गया। रिपोर्ट में सामने आया कि धर्मेंद्र के सिर पर भारी पत्थरों और सीमेंट-कंक्रीट के पेवर ब्लॉकों से कई बार वार किए गए थे। गंभीर सिर की चोट, खोपड़ी में फ्रैक्चर और अत्यधिक रक्तस्राव को मौत की वजह बताया गया। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी।

सीसीटीवी और तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस

जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली जानकारी का विश्लेषण किया। इन्हीं आधारों पर पुलिस आरोपी विक्रम भूरिया तक पहुंची। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि 24 और 25 जुलाई की रात वह अपने तीन साथियों के साथ एक सहकारी संस्था से खाद चोरी करने की योजना बनाकर निकला था।

इसी दौरान मुक्तिधाम के मुख्य गेट पर धर्मेंद्र बैठा हुआ मिला। आरोपियों ने उसे वहां से हटने के लिए कहा, लेकिन विवाद बढ़ गया। पुलिस के अनुसार, गुस्से में आरोपियों ने पत्थरों और सीमेंट-कंक्रीट के ब्लॉकों से हमला कर दिया, जिससे धर्मेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई।

हत्या के बाद शव को 150 मीटर तक घसीटा गया

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वारदात के बाद आरोपी शव को करीब 150 मीटर तक घसीटकर मुक्तिधाम के अंदर अंतिम संस्कार स्थल के पास फेंककर मोटरसाइकिलों से फरार हो गए। घटनास्थल की परिस्थितियों और फॉरेंसिक जांच से मिले साक्ष्यों ने पुलिस के दावे को मजबूत किया। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और फरार दो आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

पुलिस का क्या कहना है?

पुलिस अधीक्षक रवींद्र वर्मा के अनुसार, शुरुआती जांच में मिले छोटे-छोटे सुरागों ने इस केस को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डायरी में लिखा मोबाइल नंबर, शरीर पर गुदा हुआ नाम, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच इन सभी को जोड़ने के बाद पूरी घटना का क्रम सामने आया। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना अभी जारी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद घटनाक्रम के कुछ और पहलुओं पर भी स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।