मध्य प्रदेश में मानसून फिर पकड़ रहा रफ्तार, 15 जिलों में तेज बारिश के आसार; जुलाई की शुरुआत से मिल सकती है बड़ी राहत

MP Monsoon Update : मध्य प्रदेश में बारिश का इंतजार कर रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। पिछले कुछ दिनों से कई जिलों में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई थी, लेकिन अब मौसम फिर करवट लेने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार देशभर में एक साथ तीन सक्रिय वेदर सिस्टम के कारण सोमवार और मंगलवार से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। इससे न केवल तापमान में गिरावट आएगी बल्कि किसानों और आम लोगों को भी गर्मी और सूखे जैसी स्थिति से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। रविवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश लगभग नहीं के बराबर रही। बादल आते-जाते रहे, लेकिन कई जगह लोगों को सिर्फ उमस ही मिली। अब मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 से 72 घंटे प्रदेश के लिए अहम साबित हो सकते हैं।
इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं तेज बारिश के साथ गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है। स्थानीय स्तर पर मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
तीसरा मौसमीय सिस्टम पंजाब से उत्तर प्रदेश और बिहार तक सक्रिय है। इसका असर मध्य प्रदेश के उत्तरी जिलों पर भी पड़ सकता है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग, मुरैना और रीवा क्षेत्र में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
अगले 48 घंटे में तेजी से आगे बढ़ सकता है मानसून
भारतीय मौसम विभाग के मौसम वैज्ञानिक डॉ. अखिल श्रीवास्तव के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अभी तक मध्य प्रदेश के लगभग आधे हिस्से तक पहुंच चुका है। यदि मौजूदा मौसमीय परिस्थितियां बनी रहती हैं तो अगले दो से तीन दिनों में यह मध्य प्रदेश के शेष हिस्सों के साथ छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड के बाकी क्षेत्रों को भी कवर कर सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसून की यही रफ्तार जुलाई की शुरुआत में प्रदेश के अधिकांश इलाकों में अच्छी बारिश का रास्ता खोल सकती है।इन 15 जिलों में बारिश की सबसे अधिक संभावना
मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई है। जिन प्रमुख जिलों में बारिश के आसार हैं उनमें भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, सीधी, शहडोल, रीवा, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, बैतूल और सागर शामिल हैं।
इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं तेज बारिश के साथ गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है। स्थानीय स्तर पर मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। आखिर क्यों सक्रिय हुए तीन बड़े वेदर सिस्टम?
इस बार मौसम में बदलाव की सबसे बड़ी वजह एक साथ सक्रिय हुए तीन मौसमीय सिस्टम हैं। पहला सिस्टम उत्तरी गुजरात के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन से जुड़ा है। यह सिस्टम अब मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों तक प्रभाव डाल रहा है। इसके कारण अरब सागर से नमी लगातार प्रदेश की ओर पहुंच रही है। यही नमी पश्चिमी, मध्य और उत्तरी मध्य प्रदेश में बारिश की संभावनाओं को बढ़ा रही है। दूसरा सिस्टम उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश से विदर्भ होते हुए तेलंगाना तक फैली ट्रफ लाइन है। इस ट्रफ लाइन के प्रभाव से उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, बालाघाट और सिवनी जैसे जिलों में अचानक तेज बारिश हो सकती है। यदि इस ट्रफ लाइन के साथ साइक्लोनिक सर्कुलेशन और मजबूत हुआ तो कुछ इलाकों में मूसलाधार बारिश भी संभव है।
तीसरा मौसमीय सिस्टम पंजाब से उत्तर प्रदेश और बिहार तक सक्रिय है। इसका असर मध्य प्रदेश के उत्तरी जिलों पर भी पड़ सकता है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग, मुरैना और रीवा क्षेत्र में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना बनी हुई है। 