एमपी सरकार ने किसानों को दी बड़ी राहत, अब मूंग की 25% नहीं, 60% होगी खरीदी, स्लॉट बुकिंग भी 10 अगस्त तक
MP Moong Procurement : मध्य प्रदेश के मूंग उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से चल रही मांग और किसान संगठनों के साथ हुई चर्चा के बाद राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब पात्र किसानों से मूंग की खरीद पहले तय 25 प्रतिशत के बजाय 60 प्रतिशत तक की जाएगी। इसके साथ ही स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख भी बढ़ा दी गई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान अपनी उपज बेच सकें।
सरकार का कहना है कि यह फैसला किसानों की व्यावहारिक परेशानियों और उनकी मांगों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इससे खास तौर पर उन किसानों को राहत मिलेगी, जो समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी अधिक उपज बेचने की उम्मीद लगाए बैठे थे।
आखिर हुआ क्या
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों की परेशानी सुनने के लिए एक मंत्री समूह बनाया था। 29 जुलाई को मंत्रालय में इस समूह की किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। बैठक में बातचीत लंबी चली, और नतीजा ये निकला कि सरकार किसानों की मांग मान गई।
कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने खुद इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस साल मध्य प्रदेश को 4.52 लाख मीट्रिक टन मूंग उपार्जन का लक्ष्य दिया था, और नियम के हिसाब से कुल उत्पादन का अधिकतम 25 प्रतिशत ही खरीदा जाना था।
मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कई महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। प्रदेश में अब किसानों से मूंग उपज का उपार्जन 25% के स्थान पर 60% तक किया जाएगा। किसानों की सुविधा के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 10 अगस्त 2026 तथा मूंग उपार्जन की अंतिम तिथि 20… pic.twitter.com/MJE4s5bn8E
— BJP Madhya Pradesh (@BJP4MP) July 29, 2026
अब सोचिए, नर्मदापुरम, सीहोर और हरदा जैसे जिलों में जहां मूंग की पैदावार अच्छी होती है, वहां 25 प्रतिशत का मतलब किसान के हाथ बहुत कम माल आना। यही बात किसान संगठन लगातार उठा रहे थे। सरकार ने आखिरकार इसे मान लिया और उपार्जन सीधे 60 प्रतिशत तक बढ़ा दिया।
मंत्री कंसाना के मुताबिक इन तीन जिलों में अब किसान लगभग 3 क्विंटल प्रति एकड़ तक अपनी उपज एमएसपी पर बेच सकेंगे। और सबसे अच्छी बात, ये फैसला तुरंत लागू हो गया है, यानी इंतजार करने की जरूरत नहीं।
स्लॉट बुकिंग की तारीख भी बढ़ी
अब बात करते हैं दूसरी राहत की। जो किसान अभी तक स्लॉट बुक नहीं कर पाए थे, उनके लिए भी अच्छी खबर है। पहले स्लॉट बुकिंग की आखिरी तारीख 30 जुलाई थी, जिसे अब बढ़ाकर 10 अगस्त कर दिया गया है।
इतना ही नहीं, उपार्जन यानी माल बेचने की अंतिम तारीख भी 10 अगस्त से खिसककर 20 अगस्त हो गई है। मतलब किसानों के पास अब पूरे दस दिन ज्यादा हैं तैयारी के लिए, बिना किसी हड़बड़ी के। मंत्री कंसाना ने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है और यह सिर्फ कागजी बात नहीं, जमीन पर लागू होने वाला फैसला है।
ई-टोकन व्यवस्था पर लगी अस्थायी रोक
अब जरा खाद वितरण की बात भी कर लेते हैं, क्योंकि यही मुद्दा सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। सरकार ने खाद बंटवारे के लिए ई-टोकन व्यवस्था लागू की थी, ताकि लाइन में लगने वाली मारामारी कम हो। मंशा अच्छी थी, लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों को इसमें कई दिक्कतें आईं।
नेटवर्क की समस्या हो, या ऑनलाइन प्रक्रिया की उलझन, गांव-देहात के किसान इससे परेशान हो गए। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाने का फैसला किया है।
किसान हितैषी भाजपा सरकार का बड़ा निर्णय। pic.twitter.com/npsfQoqWh8
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यह समिति ई-टोकन व्यवस्था की हर समस्या की जांच करेगी और सरकार को सुधार के सुझाव देगी। जब तक ये सुझाव नहीं आते और सुधार लागू नहीं होता, तब तक ई-टोकन से खाद वितरण की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी गई है।
किसानों को क्या फायदा होगा
अगर आसान शब्दों में समझें तो सरकार का ये पूरा पैकेज किसानों के लिए राहत की तरह है। एक तरफ मूंग की ज्यादा खरीद एमएसपी पर होगी, दूसरी तरफ स्लॉट बुकिंग के लिए ज्यादा समय मिलेगा, और तीसरी तरफ खाद को लेकर जो नई दिक्कत खड़ी हुई थी, उस पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। मंत्री कंसाना ने साफ कहा कि मध्य प्रदेश सरकार किसानों के हित में हमेशा से काम करती आई है, और अन्नदाता ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था की असली रीढ़ हैं।
