उज्जैन का खड़े हनुमान मंदिर दस दिन से नहीं हिली प्रतिमा, अब IIT इंदौर की टीम फिर पहुंचेगी जांच करने
ujjain khade hanuman mandir news today: उज्जैन के सती गेट इलाके में एक हनुमान प्रतिमा ऐसी अड़ी है कि जेसीबी, क्रेन और मजदूरों की पूरी ताकत भी उसे टस से मस नहीं कर पाई। पिछले दस दिनों से चल रही यह कोशिश अब वैज्ञानिक जांच के दौर में पहुंच गई है, और इसी वजह से यह मामला पूरे मध्य प्रदेश में चर्चा का विषय बन चुका है।
आखिर माजरा क्या है
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक सड़क को करीब 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। इसी सड़क निर्माण के रास्ते में प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर आ गया। प्रशासन ने मंदिर का ढांचा तो हटा दिया, लेकिन हनुमानजी की प्रतिमा अपनी जगह से एक इंच भी नहीं खिसकी। नगर निगम ने अब इस पहेली को सुलझाने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान इंदौर की मदद ली है।
सोमवार को हुई पहली जांच, अब गुरुवार को दोबारा पहुंचेगी टीम
IIT इंदौर के विशेषज्ञों की टीम सोमवार को मंदिर परिसर पहुंची थी और करीब दो घंटे तक प्रतिमा और आसपास के क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया था। टीम ने आधुनिक उपकरणों की मदद से प्रतिमा की गहराई और उसकी संरचना को समझने की कोशिश की।
अब जानकारी सामने आई है कि गुरुवार को विशेषज्ञों की यही टीम दोबारा तकनीकी जांच के लिए मंदिर पहुंचेगी। बताया जा रहा है कि प्रतिमा बेसाल्ट पत्थर से बनी है और इसे परमार कालीन माना जा रहा है, यही वजह है कि इसे बिना नुकसान पहुंचाए हटाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
सोशल मीडिया पर छाया वीडियो, उमड़ने लगी भीड़
जैसे ही मंदिर और प्रतिमा से जुड़े वीडियो इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर वायरल होने लगे, वैसे ही श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती चली गई। पिछले चार दिनों में करीब आठ हजार से ज्यादा भक्त दर्शन के लिए मंदिर पहुंच चुके हैं।
खास बात यह है कि यह भीड़ सिर्फ मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं है। गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान से भी लोग यहां पहुंच रहे हैं। कई श्रद्धालु दर्शन के साथ-साथ प्रतिमा के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर भी कर रहे हैं, जिससे यह मामला और तेजी से फैल रहा है।
महाकाल के बाद अब खड़े हनुमान की बारी
उज्जैन पहले से ही महाकालेश्वर मंदिर के लिए देशभर में जाना जाता है। लेकिन इन दिनों जिस तरह खड़े हनुमान मंदिर चर्चा में है, उससे लग रहा है कि महाकाल दर्शन के बाद अब श्रद्धालुओं की अगली पसंद यही मंदिर बन गया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि प्रतिमा का अपनी जगह से न हटना ही इस पूरे मामले को और रहस्यमयी बना रहा है, और यही उत्सुकता लोगों को मंदिर तक खींच रही है।
प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा, टेंट में सुरक्षित प्रतिमा
बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। मंदिर के आसपास बैरिकेडिंग की गई है और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि व्यवस्था बनी रहे और भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
फिलहाल हनुमानजी की प्रतिमा को टेंट लगाकर सुरक्षित रखा गया है। मंदिर के आसपास का काफी हिस्सा पहले ही हटाया जा चुका है, और अब सिर्फ प्रतिमा को हटाने की प्रक्रिया बाकी है, जिसके लिए IIT इंदौर की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
