न्याय पढ़ने वाला छात्र खुद न्याय की गुहार लेकर पहुंचा पुलिस के पास, इंदौर में पिटाई के गंभीर आरोप, पुलिस कमिश्नर ने दिए जांच के निर्देश
MP News : इंदौर में एक लॉ स्टूडेंट ने नगर सुरक्षा समिति के कुछ सदस्यों और पीसीआर चालक पर मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्र का कहना है कि देर रात उसे और उसके दोस्तों को रोककर अभद्रता की गई, पैसों की मांग की गई और विरोध करने पर सड़क पर गिराकर पीटा गया। मामले में पुलिस कमिश्नर ने शिकायत का संज्ञान लेकर जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
रात 1 बजे दोस्तों के साथ बाइक से जा रहा था छात्र
मामला इंदौर का बताया जा रहा है, जहां एक लॉ स्टूडेंट ने नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्र के अनुसार, वह देर रात करीब 1 बजे अपने दोस्तों के साथ बाइक से जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में उसे रोक लिया गया।
छात्र का आरोप है कि रोकने के बाद उसके साथ अभद्रता की गई। उसने यह भी आरोप लगाया कि उससे पैसों की मांग की गई। जब उसने पैसे देने से इनकार किया तो विवाद बढ़ गया। छात्र के मुताबिक, इसके बाद उसे सड़क पर गिराकर पीटा गया। आरोप है कि मारपीट के दौरान पाइप और डंडों का इस्तेमाल किया गया।
10 से 15 मिनट तक मारपीट करने का आरोप
पीड़ित छात्र का कहना है कि उसके साथ करीब 10 से 15 मिनट तक मारपीट की गई। घटना के बाद उसके शरीर पर चोटों के निशान होने का दावा किया गया है।
छात्र ने अपनी चोटों से जुड़ी तस्वीरें भी पुलिस को सौंपने की बात कही है। अब जांच के दौरान पुलिस के लिए ये तस्वीरें और शिकायत में दिए गए अन्य तथ्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
हालांकि, यह स्पष्ट होना बाकी है कि घटना के समय मौके पर कौन-कौन मौजूद था और पूरा घटनाक्रम किन परिस्थितियों में हुआ। ऐसे मामलों में सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और संबंधित पुलिस रिकॉर्ड जांच का अहम हिस्सा बन सकते हैं।
पीसीआर चालक पर भी लगाया मारपीट का आरोप
मामले में छात्र ने केवल नगर सुरक्षा समिति के सदस्यों पर ही आरोप नहीं लगाए हैं। उसने पीसीआर चालक पर भी मारपीट में शामिल होने का आरोप लगाया है। इसके अलावा छात्र का कहना है कि घटना के बाद उसे और उसके दोस्तों को थाने भी ले जाया गया। अब पुलिस जांच में यह भी देखा जा सकता है कि युवकों को किस आधार पर रोका गया, थाने क्यों ले जाया गया और उस दौरान क्या कार्रवाई की गई। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि छात्र द्वारा लगाए गए आरोप शिकायत का हिस्सा हैं। जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी या दोष तय नहीं किया जा सकता।
शिकायत पर पुलिस कमिश्नर ने लिया संज्ञान
मामला सामने आने के बाद शिकायत पुलिस कमिश्नर तक पहुंची। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस कमिश्नर ने मामले का संज्ञान लिया है और संबंधित अधिकारियों को जांच करने तथा नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब जांच के बाद ही साफ होगा कि छात्र के आरोपों में कितना तथ्य है और घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ था।
इंदौर जैसे बड़े शहर में रात के समय सुरक्षा व्यवस्था और नागरिकों के साथ व्यवहार हमेशा अहम मुद्दा रहता है। नगर सुरक्षा समिति जैसे सहयोगी समूहों की भूमिका भी कानून-व्यवस्था में मदद से जुड़ी होती है। ऐसे में किसी सदस्य पर मारपीट या पैसों की मांग जैसे आरोप लगते हैं तो निष्पक्ष जांच जरूरी हो जाती है।
