बैतूल-नागपुर हाईवे पर तड़के हुआ बड़ा हादसा, तीन श्रद्धालुओं की जान गई, छह की हालत गंभीर
Nagpur Betul Highway Accident : बैतूल जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। मुलताई के पास बैतूल-नागपुर नेशनल हाईवे पर शनिवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे एक तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े ट्रक के पीछे जा भिड़ी। टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। इस हादसे में मौके पर ही पति-पत्नी समेत तीन लोगों की मौत हो गई। कार में सवार बाकी नौ लोग घायल हुए हैं, जिनमें से छह की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें नागपुर रेफर करना पड़ा।
नागपुर से कुबेरेश्वर धाम जा रहे थे श्रद्धालु
पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, श्रद्धालु कार क्रमांक MH 49 C 4756 से मध्य प्रदेश की ओर जा रहे थे। यात्रा के दौरान कार मुलताई क्षेत्र से गुजर रही थी। इसी दौरान वाहन सड़क किनारे खड़े ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराया।
टक्कर का असर इतना तेज था कि कार के अगले हिस्से की हालत देखकर हादसे की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता था। कार का एक अगला पहिया टूटकर अलग हो गया, जबकि आगे की सीटें भी अपनी जगह से खिसक गईं। वाहन की छत तक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर की तेज आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे। कार में कई लोग फंसे हुए थे, जिन्हें बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
पति-पत्नी सहित तीन लोगों की मौत
हादसे में जान गंवाने वालों में 42 साल के दीपक और उनकी 40 साल की पत्नी छाया की पहचान हो चुकी है। तीसरी महिला की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मुलताई अस्पताल भिजवा दिया है। परिवार के दो लोगों की एक साथ मौत ने इलाके में मातम का माहौल बना दिया है। हादसे की खबर फैलते ही रिश्तेदार और परिचित अस्पताल की ओर दौड़ पड़े।
नौ घायल, छह को नागपुर किया गया रेफर
हादसे की सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई और घायलों को तुरंत मुलताई के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। यहां प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने छह घायलों की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें नागपुर के बड़े अस्पताल रेफर कर दिया।
घायलों में शामिल हैं उपेंद्र गांधीवार के बेटे नैतिक (10 साल), मोहन की पत्नी उज्ज्वला (45 साल), अनिल की बेटी नीता (25 साल), उपेंद्र की बेटी अनुष्का (18 साल), एकनाथ की बेटी संगीता, शंभु, नंदन, दीपक के बेटे प्रज्ज्वल और नंदकिशोर के बेटे सौरभ (20 साल)। इस पूरी सूची में एक 10 साल का बच्चा भी शामिल है, जिसने अपनी आंखों के सामने इतना बड़ा हादसा देखा।
टक्कर की रफ्तार का अंदाजा गाड़ी की हालत से लगाइए
लोकल लोगों का कहना है कि हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके की ओर भागे। जो नजारा उन्होंने वहां देखा, वह किसी को भी सिहरा देने वाला था। कार का अगला पहिया पूरी तरह टूटकर अलग जा गिरा था। टक्कर की ताकत इतनी थी कि सामने की सीटें पीछे की तरफ धंस गईं और कार की छत भी बुरी तरह मुड़ गई थी। गाड़ी में फंसे लोगों को बाहर निकालना आसान नहीं रहा। स्थानीय लोगों और बाद में पहुंची टीम ने मिलकर काफी मशक्कत के बाद घायलों को गाड़ी से बाहर निकाला।
पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच
मुलताई पुलिस ने घटना की जानकारी मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है और मृतकों तथा घायलों से जुड़ी अन्य जानकारी जुटाई जा रही है। जांच में कार की रफ्तार, चालक की स्थिति, ट्रक के खड़े होने की जगह और अन्य परिस्थितियों को भी देखा जा सकता है। पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसे की मुख्य वजह क्या रही।
