मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र के
खरमसेड़ा गांव में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। कुएं में गिरे एक बैल को बचाने के प्रयास में तीन ग्रामीणों की जान चली गई, जबकि एक अन्य ग्रामीण बेहोश हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कुएं के भीतर मौजूद जहरीली गैस के कारण दम घुटने से यह हादसा हुआ। यह घटना कुछ ही मिनटों में हुई, लेकिन इसका असर पूरे गांव पर लंबे समय तक रहने वाला है। ग्रामीण एक जान बचाने के लिए कुएं में उतरे थे, लेकिन हालात ऐसे बने कि तीन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया।
बैल को निकालने की कोशिश बनी जानलेवा
स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव का एक बैल अचानक कुएं में गिर गया था। उसे बाहर निकालने के लिए सबसे पहले एक ग्रामीण कुएं में उतरा। कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गया। उसे बचाने की नीयत से दूसरा ग्रामीण नीचे उतरा, लेकिन वह भी बाहर नहीं आ सका। इसके बाद तीसरे व्यक्ति ने भी बचाव का प्रयास किया। दुर्भाग्य से कुएं के भीतर मौजूद संदिग्ध जहरीली गैस की चपेट में आने से तीनों का दम घुट गया। गांव वालों का कहना है कि सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। कभी-कभी मदद करने की जल्दबाजी भी ऐसी स्थिति पैदा कर देती है, जहां एक हादसा कई जिंदगियां छीन लेता है।
तीन लोगों की मौत, एक का इलाज जारी
इस हादसे में 28 वर्षीय कृष्ण कुमार यादव, 47 वर्षीय वीरेंद्र यादव और 34 वर्षीय राहुल यादव की मौत हो गई। एक अन्य ग्रामीण भी कुएं में उतरा था, लेकिन उसे समय रहते बाहर निकाल लिया गया। जहरीली गैस के प्रभाव से उसकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही अमरपाटन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने राहत और बचाव कार्य कराया तथा तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में कुएं के भीतर जहरीली गैस होने की आशंका जताई गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही हादसे के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।
गांव में पसरा मातम
इस हादसे के बाद खरमसेड़ा गांव में शोक का माहौल है। तीन लोगों की एक साथ मौत से पूरे क्षेत्र में दुख की लहर है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि ग्रामीण भी इस घटना को लंबे समय तक भूल नहीं पाएंगे।