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मध्य प्रदेश में अगले 4 दिन मूसलाधार बारिश, रीवा-सतना समेत इन जिलों में अलर्ट, IMD का बड़ा अपडेट

MP Weather Today September 2026

MP Weather Today September 2026 : मध्य प्रदेश में मानसून अभी थमने के मूड में नहीं है। सितंबर की शुरुआत ही बारिश के एक और मजबूत दौर के साथ हो रही है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है।

खासकर पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां ज्यादा सक्रिय रहने वाली हैं। रीवा, सतना और आसपास के इलाकों में भी मौसम पर नजर रखने की जरूरत है। वहीं प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ तेज बारिश के दौर बन सकते हैं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के 1 सितंबर के अपडेट के मुताबिक, पूर्वी मध्य प्रदेश में 1 से 4 सितंबर तक बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3 और 4 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि इसके बाद भी बारिश का असर बना रह सकता है।

MP Weather Today: चार दिन प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम?

मौसम की मौजूदा स्थिति को देखें तो सितंबर के शुरुआती दिन मध्य प्रदेश के लिए काफी सक्रिय रहने वाले हैं। 1 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। 2 सितंबर को भी पूर्वी हिस्से में यही स्थिति बनी रह सकती है।

3 और 4 सितंबर को बारिश का दायरा पश्चिमी मध्य प्रदेश की तरफ भी बढ़ सकता है। IMD ने पश्चिमी मध्य प्रदेश में 3, 4 और 5 सितंबर के लिए बहुत भारी बारिश की चेतावनी दर्ज की है। इस दौरान बिजली चमकने और तेज हवाओं जैसी मौसमी गतिविधियों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। ऐसे में खुले मैदान, पेड़ या कमजोर निर्माण वाली जगहों से बारिश और आंधी के दौरान दूरी रखना बेहतर रहेगा।

रीवा-सतना समेत पूर्वी MP में बारिश का जोर

रीवा संभाग और उससे लगे जिलों में मानसूनी गतिविधियां पहले से सक्रिय हैं। IMD के ताजा दैनिक मौसम विवरण में भी रीवा और शहडोल संभाग के कई इलाकों में पिछले 24 घंटे के दौरान बारिश दर्ज होने की जानकारी दी गई है। आपके दिए गए मौसम अपडेट के मुताबिक सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, पन्ना, मैहर, कटनी, शहडोल, उमरिया और आसपास के इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई थी।

उमरिया और बालाघाट में भी तेज बारिश का असर

मौजूदा सिस्टम का असर केवल रीवा-सतना तक सीमित नहीं रहने वाला। उमरिया, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, जबलपुर, सिवनी और छिंदवाड़ा जैसे जिलों में भी तेज बारिश का दौर बन सकता है। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने पर निचले इलाकों में पानी भरने, छोटे नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने और ग्रामीण सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है। हालांकि किसी जिले में कितनी बारिश होगी, इसका स्थानीय स्तर पर अनुमान बदल सकता है। इसलिए जिला प्रशासन और IMD के ताजा अलर्ट को प्राथमिकता देना जरूरी है।

बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बदलेगा मौसम

मध्य प्रदेश में बारिश बढ़ने के पीछे बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में बने मौसमी सिस्टम और उससे जुड़ी ट्रफ की भूमिका अहम है। ऐसे सिस्टम जब मध्य भारत की तरफ बढ़ते हैं, तो नमी मिलने के कारण कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ जाती हैं।

इस बार भी मौसम का असर धीरे-धीरे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई दे रहा है। पहले पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का जोर और उसके बाद पश्चिमी हिस्सों में गतिविधियां बढ़ने का संकेत मिल रहा है।

किन इलाकों में कमी, किन में ज्यादा

बारिश का यह असर पूरे प्रदेश में एक जैसा नहीं रहा है। पूर्वी हिस्से में करीब 5 प्रतिशत तो वहीं पश्चिमी हिस्से में करीब 15 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है। कुल मिलाकर प्रदेश के 39 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है।

दूसरी तरफ, अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी जैसे 16 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज हुई है। यह असमान बंटवारा दिखाता है कि इस साल मानसून का रुख कुछ इलाकों पर ज्यादा मेहरबान रहा।


इस सीजन अब तक कितनी बारिश हुई

आंकड़ों की बात करें तो मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 702.9 मिलीमीटर यानी करीब 27.7 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। यह सामान्य औसत का लगभग 74 प्रतिशत है।

इस दौरान सामान्य तौर पर 30.8 इंच बारिश होनी चाहिए थी, यानी प्रदेश अभी भी करीब 3.1 इंच पीछे चल रहा है। अकेले अगस्त महीने में ही करीब 12 इंच पानी बरस चुका है, जो इस साल की सबसे ज्यादा बारिश वाला महीना रहा। अगर सितंबर में 9.6 इंच और बारिश हो जाती है, तो प्रदेश सामान्य 37.3 इंच के आंकड़े को पार कर लेगा।