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दर्दनाक हादसा: खेत गए चार मासूम भाई फिर घर नहीं लौटे, कुएं में मिली चारों की लाश

मध्यप्रदेश के अशोकनगर में चार सगे भाइयों की कुएं में डूबने से मौत हो गई। स्कूल की छुट्टी में खेत गए बच्चों के शव मिलने से विक्रमपुर गांव में मातम पसरा है।
Mp Ashoknagar News

 

Mp Big News , Mp Ashoknagar News : मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले से आई एक खबर ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। चंदेरी थाना क्षेत्र के विक्रमपुर गांव में एक ही परिवार के चार मासूम भाइयों की कुएं में डूबने से मौत हो गई। चारों बच्चे 10 साल से कम उम्र के थे। सोमवार को वे घर से बाहर निकले थे, लेकिन कुछ घंटे बाद जब वे वापस नहीं लौटे तो परिवार ने उनकी तलाश शुरू की। तलाश खेत तक पहुंची और वहां जो दृश्य सामने आया, उसने पूरे परिवार को तोड़ दिया।

मृत बच्चों की पहचान 9 वर्षीय देव, 7 वर्षीय त्रिवेद, 6 वर्षीय महादेव और 4 वर्षीय प्रियांश के रूप में हुई है। चारों बलवीर कुशवाहा के बेटे बताए गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। शवों को कुएं से बाहर निकालकर चंदेरी सिविल अस्पताल भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई।

सबसे दुखद बात यह है कि बच्चों के घर से निकलने के बाद काफी देर तक किसी को हादसे की जानकारी नहीं हुई। अलग-अलग रिपोर्टों में यह सामने आया है कि बच्चे खेत की ओर गए थे और कुएं के आसपास हादसा हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक एक बच्चे के कुएं में गिरने के बाद बाकी भाइयों ने उसे बचाने की कोशिश की होगी। हालांकि पुलिस जांच पूरी होने तक हादसे के सटीक क्रम को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

घटना अशोकनगर जिले के चंदेरी थाना क्षेत्र के विक्रमपुर गांव की है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार बच्चे सोमवार को घर से खेत की तरफ गए थे। जब काफी समय बीतने के बाद भी वे वापस नहीं आए तो परिवार और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की।

तलाश के दौरान बच्चे खेत में बने कुएं के पास मिले। एक रिपोर्ट के अनुसार कुआं गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर निजी खेत में था। कुएं में बच्चों के दिखाई देने के बाद पुलिस और ग्रामीणों की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया।

पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की। चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए चंदेरी सिविल अस्पताल भेजा गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।

इस हादसे में देव, त्रिवेद, महादेव और प्रियांश की जान गई। सबसे बड़े भाई देव की उम्र 9 साल बताई गई है, जबकि सबसे छोटे प्रियांश की उम्र सिर्फ 4 साल थी।

चारों की उम्र में ज्यादा अंतर नहीं था। परिवार के लिए वे एक साथ खेलते, घूमते और घर में समय बिताते थे। ऐसे में एक ही घटना में चार बच्चों की मौत ने परिजनों के साथ-साथ पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया।

हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि बच्चे खेत में मौजूद कुएं के पास पहुंचे थे। इसी दौरान एक बच्चा पानी में गिर गया और उसे बचाने के प्रयास में दूसरे बच्चे भी कुएं में चले गए या फिसलकर गिर गए।

कुछ रिपोर्टों में बच्चों के कुएं में नहाने जाने की बात कही गई है, जबकि दूसरी रिपोर्टों में उनके खेलने के दौरान हादसा होने की जानकारी है। इसलिए इस घटना के कारण को लेकर अभी पुलिस जांच का इंतजार करना उचित होगा।

यही वजह है कि हादसे की खबर सामने आने के बाद कुओं और खुले जलस्रोतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। खासकर गांवों में खेतों के आसपास बने ऐसे कुएं, जिनकी सुरक्षा दीवार या पर्याप्त घेराबंदी नहीं होती, बच्चों के लिए गंभीर जोखिम बन सकते हैं।

रिपोर्टों के मुताबिक बच्चों के पिता बलवीर कुशवाहा मजदूरी का काम करते हैं और घटना के समय घर पर नहीं थे। बच्चों की मां भी मायके गई हुई थीं। कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि बच्चे दादी के साथ रहते थे।

जब बच्चों के काफी देर तक घर नहीं लौटने की जानकारी हुई तो उनकी तलाश शुरू की गई। इसी तलाश के दौरान खेत के कुएं में हादसे का पता चला।

एक परिवार के चार बच्चों को एक साथ खो देना कितना बड़ा सदमा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विक्रमपुर गांव में घटना के बाद शोक का माहौल है।

घटना की सूचना मिलने के बाद चंदेरी पुलिस मौके पर पहुंची। बच्चों के शवों को बाहर निकालने के बाद उन्हें पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बच्चे कुएं तक कैसे पहुंचे और हादसा किस परिस्थितियों में हुआ।

चंदेरी तहसीलदार दिलीप दरोगा के मुताबिक हादसा निजी खेत में बने कुएं में हुआ। प्रशासन की ओर से परिवार को नियमानुसार सहायता दिए जाने की बात भी सामने आई है। फिलहाल इस घटना में किसी तरह की अटकल लगाने के बजाय पुलिस की जांच और प्रशासन की आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना जरूरी है।

विक्रमपुर में जिस घर में चार बच्चों की आवाजें सुनाई देती थीं, वहां अब मातम है। ग्रामीण भी इस घटना से स्तब्ध हैं। एक साथ चार सगे भाइयों की मौत ने पूरे इलाके को गहरे दुख में डाल दिया है।