मुरैना में दर्दनाक रेल हादसा, 4 यात्रियों की मौत, आग की अफवाह बनी त्रासदी की वजह

Morena Train Accident : शाम के करीब चार बजे मुरैना का हेतमपुर स्टेशन एक आम दिन की तरह लग रहा था। उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस अपनी सामान्य गति से धौलपुर की ओर बढ़ रही थी। लेकिन अगले ही पलों में स्थिति में नाटकीय बदलाव आने वाला था। किसी यात्री ने ट्रेन में आग लगने की बात कही और यह खबर आग की तरह फैल गई। घबराहट में सवारियों ने सोचे-समझे बिना ट्रेन से कूद जाना ही बेहतर समझा। उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग की खबर सुनते ही यात्रियों में सनसनी फैल गई। हजारों लोग एक साथ एक ही दिशा में भागे। किसी को पता नहीं था कि असल में क्या हो रहा है। यह सिर्फ एक अफवाह थी, लेकिन उसके परिणाम भयानक निकले। घबराहट की इस भीड़ में बुजुर्ग महिलाएं, युवा महिलाएं और छोटे बच्चे सब शामिल थे। सब एक ही लक्ष्य के साथ थे सुरक्षित जगह पर पहुंचना। पर उन्हें नहीं पता था कि असली खतरा अभी पास ही था। जिस समय उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस से यात्री कूद रहे थे, उसी समय धौलपुर की ओर से मुरैना आ रही पातालकोट एक्सप्रेस हेतमपुर स्टेशन के पास पहुंच गई। यह ट्रेन मुख्य ट्रैक पर चल रही थी। ट्रैक पर घूम रहे घबराए हुए यात्रियों को इस आने वाली ट्रेन का अंदाजा नहीं रहा। पातालकोट एक्सप्रेस की तेज रफ्तार ने उन असहाय लोगों को अपने नीचे ले लिया। यह क्षण मात्र सेकंड का था, पर इसने कई जिंदगियां बर्बाद कर दीं। चार लोग तुरंत मर गए। दस से अधिक अन्य यात्री घायल हुए। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में जो चार लोग अपनी जान गवाए, उनके नाम और उम्र रेलवे अधिकारियों द्वारा दर्ज की गई। आफरीन, जो महज 35 साल की थीं, अपने बच्चे असद को साथ लेकर इस ट्रेन में थीं। असद मात्र चार साल का था। साथ में 60 साल की सकुंतला और 58 साल की वीरमा देवी भी अपनी जान गवा बैठीं। रेल हादसे में 10 से अधिक यात्रियों के घायल होने की सूचना सामने आई है। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आई हैं,
