Twisha Sharma Death Case Update : भोपाल के बाग
मुगालिया एक्सटेंशन (कटारा हिल्स) में हुई पूर्व जज गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। परिजनों की लगातार उठ रही मांग और मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद राज्य सरकार ने इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की सिफारिश कर दी है। मध्य प्रदेश गृह विभाग ने इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी कर केंद्रीय एजेंसी को अनुरोध पत्र भेज दिया है। 12 मई 2026 को हुई इस घटना के बाद से ही ट्विशा का परिवार इसे हत्या का मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा था, जबकि मुख्य आरोपी और ट्विशा का पति समर्थ सिंह घटना के बाद से ही लगातार फरार चल रहा है।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना
ट्विशा शर्मा के माता-पिता और परिजनों ने पूर्व सेना अधिकारियों के साथ मिलकर पिछले दिनों मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में परिजनों ने स्थानीय पुलिस की जांच पर असंतोष जताते हुए सीबीआई जांच की गुहार लगाई थी। मुख्यमंत्री ने परिवार को पूरी मदद का भरोसा दिया था, जिसके ठीक बाद गृह विभाग ने एक्शन लिया। गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, थाना कटारा हिल्स में दर्ज अपराध क्रमांक 133/2026 की जांच अब सीबीआई को सौंपी जा रही है। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 80 (2), 85, 3 (5) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 की धारा 3/4 के तहत केस दर्ज किया है। राज्य सरकार की इस त्वरित सिफारिश के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि सीबीआई जल्द ही इस हाई-प्रोफाइल केस को अपने हाथों में लेगी।
दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम कराने के लिए हाईकोर्ट पहुंचा परिवार
ट्विशा शर्मा की मौत को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन उनका अंतिम संस्कार अभी तक नहीं हो सका है। भोपाल के हमीदिया अस्पताल में 13 मई को शव का पोस्टमार्टम किया गया था, लेकिन परिजनों ने पुलिस थ्योरी पर सवाल उठाते हुए शव लेने से इनकार कर दिया। परिवार की मांग है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दिल्ली स्थित एम्स (AIIMS) में दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाए। इस मांग को लेकर परिजनों ने पहले भोपाल जिला अदालत का रुख किया था, लेकिन वहां से याचिका खारिज होने के बाद अब उन्होंने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी इस विषय पर कहा है कि दोबारा पोस्टमार्टम का फैसला पूरी तरह अदालत के अधीन है, लेकिन अगर परिवार शव को दिल्ली ले जाना चाहता है तो सरकार परिवहन के लिए हर संभव संसाधन और गाड़ियां उपलब्ध कराने को तैयार है। फिलहाल ट्विशा का शव एम्स भोपाल के फ्रीजर में सुरक्षित रखा गया है।
कानूनी विशेषज्ञों की राय
कानूनी जानकारों का मानना है कि जब कोई राज्य सरकार किसी संवेदनशील मामले में खुद आगे बढ़कर सीबीआई जांच की सिफारिश करती है, तो केंद्रीय एजेंसी के लिए केस हाथ में लेना काफी आसान हो जाता है। चूंकि मामला पूर्व जज के परिवार से जुड़ा है और इसमें गंभीर आपराधिक धाराएं लगी हैं, इसलिए स्थानीय पुलिस पर भी शुरुआत से ही दबाव था। अब सीबीआई जांच से इस रहस्यमयी मौत के पीछे का सच सामने आने की उम्मीद बढ़ गई है। पुलिस की टीमें फरार पति समर्थ सिंह की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं, लेकिन उसका अब तक न मिलना कई तरह के सवाल खड़े करता है।