दतिया उपचुनाव: बीजेपी उम्मीदवार के ऐलान के बाद बवाल, NH-44 पर 15 किमी जाम, पथराव में एसपी समेत कई घायल
MP News Today : मध्य प्रदेश में दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए वोटिंग शुरू होने से पहले ही राजनीतिक माहौल में बड़ा बदलाव आया है। भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के नाम की घोषणा के बाद शहर में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए, जो जल्द ही हिंसा में बदल गए। शुक्रवार शाम शुरू हुआ यह हंगामा देर रात तक और शनिवार सुबह तक जारी रहा। इसका सबसे ज़्यादा असर नेशनल हाईवे-44 (NH-44) पर दिखा, जहाँ सड़क के दोनों ओर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। स्थानीय प्रशासन के लिए स्थिति संभालना आसान नहीं रहा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से कई बार बातचीत की, लेकिन हालात सामान्य नहीं हो सके।
हालांकि पार्टी की ओर से संगठनात्मक स्तर पर स्थिति को संभालने की कोशिश जारी है। वरिष्ठ नेताओं की नजर अब इस बात पर है कि स्थानीय असंतोष को किस तरह शांत किया जाए ताकि उपचुनाव के दौरान इसका व्यापक राजनीतिक असर न पड़े।
नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने पर समर्थकों में नाराजगी
बीजेपी ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार बनाया है। इसके बाद पूर्व गृह मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में नाराजगी सामने आई। शुक्रवार शाम से बड़ी संख्या में समर्थक सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन धीरे-धीरे उग्र होता गया और शहर के कई हिस्सों में तनाव का माहौल बन गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दतिया लंबे समय से नरोत्तम मिश्रा का मजबूत राजनीतिक क्षेत्र माना जाता रहा है। ऐसे में टिकट वितरण के फैसले ने स्थानीय स्तर पर असंतोष को खुलकर सामने ला दिया।बाजार बंद, हाईवे पर घंटों रुका यातायात
विरोध प्रदर्शन का असर केवल राजनीति तक सीमित नहीं रहा। शहर के कई बाजार बंद हो गए और नेशनल हाईवे-44 पर चक्का जाम कर दिया गया। प्रशासन के अनुसार हाईवे पर लगभग 15 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इससे दतिया से गुजरने वाले हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहन घंटों तक सड़क पर फंसे रहे और आसपास के जिलों का यातायात भी प्रभावित हुआ।पथराव में एसपी समेत कई पुलिसकर्मी घायल
स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब शनिवार तड़के पुलिस टीम पर पथराव हुआ। अधिकारियों के मुताबिक पुलिस जाम हटाने और कानून-व्यवस्था बहाल करने की कोशिश कर रही थी, तभी अचानक पत्थर फेंके गए। इस घटना में दतिया के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मयूर खंडेलवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी) सहित छह से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए। घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।प्रशासन का दावा, शाम से बिगड़ने लगे थे हालात
पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार शाम करीब छह बजे से ही बड़ी संख्या में लोग शहर में एकत्र होने लगे थे। प्रशासन का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान बाजार बंद कराने और हाईवे रोकने की कोशिश की गई। एसपी मयूर खंडेलवाल के अनुसार प्रशासन लगातार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रहा था, लेकिन स्थिति नियंत्रित नहीं हो सकी और बाद में हिंसा की घटना सामने आई। घटना के बाद पुलिस ने वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान शुरू कर दी है। मामले में कानूनी कार्रवाई भी जारी है।भाजपा संगठन में भी बढ़ी हलचल
दतिया की घटना का असर केवल सड़क तक सीमित नहीं रहा। पार्टी संगठन के भीतर भी हलचल तेज हो गई। इसी बीच भाजपा जिला अध्यक्ष के इस्तीफे की खबर ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया।
हालांकि पार्टी की ओर से संगठनात्मक स्तर पर स्थिति को संभालने की कोशिश जारी है। वरिष्ठ नेताओं की नजर अब इस बात पर है कि स्थानीय असंतोष को किस तरह शांत किया जाए ताकि उपचुनाव के दौरान इसका व्यापक राजनीतिक असर न पड़े।