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एमपी में फिर बिगड़ेगा मौसम: 4 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट, जानें आपके शहर में कैसा रहेगा हाल

MP monsoon update : मध्य प्रदेश में बारिश का दौर अभी थमा नहीं है। 26 सितंबर को पूर्वी हिस्से में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।
MP Monsoon Update

MP Monsoon Update : मध्यप्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। अगर आप अगले कुछ दिन घर से बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो पहले मौसम विभाग की ये चेतावनी जरूर पढ़ लें। प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने का सिलसिला शुरू होने वाला है। कुछ जिलों के लिए तो अति भारी बारिश का अलर्ट तक जारी हो चुका है। 

असल वजह छत्तीसगढ़ के ऊपर बना एक सिस्टम है, जो धीरे-धीरे मध्यप्रदेश की तरफ बढ़ रहा है और अपने साथ नमी लेकर आ रहा है। नतीजा यह होगा कि 25 से 29 सितंबर के बीच प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश थमने का नाम नहीं लेगी। आइए जानते हैं कि किन जिलों में सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है और मौसम विभाग ने आगे क्या संकेत दिए हैं।

इन जिलों में भारी बारिश का खतरा

मौसम विभाग के मुताबिक 25 से 29 सितंबर तक मध्यप्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश का दौर बना रहेगा। रीवा और सतना समेत कई जिलों में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक की भी चेतावनी दी गई है। ऐसे मौसम में खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना ही बेहतर रहेगा।

26 सितंबर को चार जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट

सबसे ज्यादा चिंता की बात 26 सितंबर को लेकर है। इस दिन सतना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में अति भारी बारिश की संभावना के चलते अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में रहने वाले लोगों को खासतौर पर सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि तेज बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की स्थिति भी बन सकती है।

छत्तीसगढ़ का डिप्रेशन बना रहा है मध्यप्रदेश का मौसम

इस पूरे बदलाव की जड़ में एक मौसमी सिस्टम है। मौसम विभाग के राष्ट्रीय बुलेटिन के अनुसार, उत्तर छत्तीसगढ़ के ऊपर एक अवदाब यानी डिप्रेशन बना हुआ है, जो धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर खिसक रहा है। 

अनुमान है कि यह सिस्टम उत्तर छत्तीसगढ़ और उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश से गुजरते हुए दक्षिण-पूर्वी उत्तरप्रदेश की तरफ आगे बढ़ेगा। जैसे-जैसे यह सिस्टम मध्यप्रदेश के करीब आएगा, प्रदेश में बारिश की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।