Western disturbance MP : गणतंत्र दिवस पर ठंड ने बढ़ाई कंपकंपी, बारिश की आहट से बढ़ी चिंता
Western disturbance MP : गणतंत्र दिवस के मौके पर जब देश तिरंगे में रंगा रहा, तब मध्यप्रदेश में मौसम ने अपनी अलग मौजूदगी दर्ज कराई। उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं ने प्रदेश के बड़े हिस्से को ठिठुरन में डाल दिया। सुबह के वक्त कोहरा, दिन में सर्द हवा और शाम ढलते ही बढ़ती ठंड ने लोगों को अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया। मौसम विभाग के मुताबिक जनवरी के आखिरी दिनों में बादल और बारिश भी दस्तक दे सकती है, जिससे ठंड का असर और गहराने की संभावना है।
गणतंत्र दिवस पर क्यों ज्यादा महसूस हुई ठंड
भोपाल स्थित मौसम केंद्र के अनुसार 26 जनवरी 2026 को मध्यप्रदेश में ठंड का मुख्य कारण उत्तर भारत से आ रही शुष्क और तेज ठंडी हवाएं रहीं। हिमालयी क्षेत्रों में बने दबाव का असर मैदानी इलाकों तक पहुंचा, जिससे दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। आमतौर पर जनवरी के आखिरी हफ्ते में दिन थोड़े नरम होने लगते हैं, लेकिन इस बार हालात उलट दिखे। कई जिलों में धूप तो निकली, लेकिन ठंडी हवा के कारण उसका असर महसूस नहीं हुआ।पश्चिमी विक्षोभ का असर, बादलों की बढ़ेगी आवाजाही
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 26 जनवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसका सीधा असर मध्यप्रदेश के मौसम पर पड़ेगा। आसमान में बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है और कुछ इलाकों में हल्की नमी भी देखने को मिलेगी। इसके अलावा 30 जनवरी के आसपास एक और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के संकेत हैं। अगर यह सिस्टम प्रभावी रहा तो जनवरी के आखिरी दिनों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बन सकती है।कोल्ड डे की चपेट में कई जिले
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के सात जिलों में दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया। रतलाम, टीकमगढ़, निवारी के पृथ्वीपुर, दतिया और गुना में कोल्ड डे की स्थिति रही। कोल्ड डे तब माना जाता है जब दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री सेल्सियस नीचे चला जाए। इन जिलों में धूप कमजोर रही और ठंडी हवाओं ने दिनभर कंपकंपी बनाए रखी।
रातें भी हुईं ज्यादा सर्द
सिर्फ दिन ही नहीं, बल्कि रात के तापमान में भी कई जगहों पर तेज गिरावट दर्ज की गई। ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में रातें सामान्य से ज्यादा ठंडी रहीं। खुले इलाकों में पाला पड़ने की आशंका भी बनी हुई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। खासकर सब्जी और चना, मटर जैसी रबी फसलों पर इसका असर पड़ सकता है।
उज्जैन, ग्वालियर और सागर संभाग में बड़ी गिरावट
मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार उज्जैन, ग्वालियर और सागर संभाग में दिन के अधिकतम तापमान में 4.7 से 5.9 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट देखी गई। उज्जैन में पारा सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया। भोपाल, इंदौर, चंबल और शहडोल संभाग में भी दिन के तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, जिससे ठंड का असर पूरे प्रदेश में महसूस हुआ।
