एक साल तक पुलिस को चकमा देने वाले दो चेहरे कौन थे? पन्ना हत्याकांड का सच जानकर रह जाएंगे हैरान
- पन्ना पुलिस ने चर्चित हत्याकांड का खुलासा किया।
- पत्नी और पहले पति पर हत्या की साजिश का आरोप।
- संपत्ति विवाद और पारिवारिक तनाव जांच का अहम हिस्सा।
Madhya Pradesh Crime News : मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में चर्चित नन्नू सोनी हत्याकांड का आखिरकार पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले ने इसलिए भी लोगों का ध्यान खींचा क्योंकि हत्या के पीछे किसी बाहरी दुश्मन का नहीं, बल्कि परिवार के भीतर रची गई कथित साजिश का दावा पुलिस ने किया है। पुलिस के अनुसार, मृतक की पत्नी ने अपने पहले पति के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई और वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों करीब एक साल तक अलग-अलग राज्यों में छिपते रहे।
पन्ना पुलिस की लंबी जांच, साइबर सेल की मदद और लगातार की गई तलाश के बाद दोनों आरोपियों को गुजरात के सूरत शहर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि यह मामला रिश्तों में बढ़ते विवाद और संपत्ति को लेकर पैदा हुए तनाव का दुखद उदाहरण बनकर सामने आया है।
क्या है पूरा मामला?
पन्ना पुलिस अधीक्षक (एसपी) निवेदिता नायडू के अनुसार, अजयगढ़ क्षेत्र के बगहा गांव निवासी रामप्रताप सोनी और अर्चना की शादी लगभग 8 से 9 साल पहले हुई थी। दोनों के दो बच्चे भी हैं। कुछ समय बाद पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ने लगे और अर्चना अपने मायके में रहने लगी।
इसी दौरान 27 मई 2025 को अर्चना ने पन्ना जिले के रैपुरा थाना क्षेत्र के बघवारकलां निवासी नन्नू सोनी से कोर्ट मैरिज कर ली। शादी के बाद वह अपने दोनों बच्चों के साथ नन्नू के घर रहने लगी। शुरुआत में सब सामान्य दिखा, लेकिन पुलिस के मुताबिक कुछ ही समय में दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगे।
संपत्ति और बच्चों को लेकर बढ़ा विवाद
जांच में पुलिस का दावा है कि अर्चना चाहती थी कि नन्नू अपनी जमीन-जायदाद उसके दोनों बेटों के नाम कर दें। दूसरी ओर, नन्नू को अर्चना के बच्चों को लेकर आपत्ति थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़े होने लगे।
पुलिस के अनुसार, लगातार बढ़ते तनाव के बाद अर्चना ने अपने पहले पति रामप्रताप से संपर्क किया। दोनों के बीच फोन पर बातचीत हुई और यहीं से कथित तौर पर हत्या की साजिश तैयार हुई।
रात में बनाया मौत का प्लान
पुलिस जांच के मुताबिक, 10 जुलाई 2025 की रात रामप्रताप चोरी-छिपे बघवारकलां पहुंचा। आरोप है कि जब नन्नू सोनी अपने कमरे में सो रहे थे, तब रामप्रताप और अर्चना ने मिलकर उन पर लकड़ी की भारी मुगरिया (डंडे) से हमला किया। पुलिस का कहना है कि गंभीर चोटों के कारण नन्नू की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद दोनों आरोपी बच्चों को साथ लेकर वहां से फरार हो गए।
एक साल तक बदलते रहे ठिकाने और पहचान
हत्या के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपियों तक पहुंचना थी। जांच एजेंसियों के मुताबिक दोनों लगातार अपना ठिकाना बदलते रहे। इतना ही नहीं, उन्होंने अलग-अलग जगहों पर काम किया और पहचान छिपाने के लिए अपना हुलिया भी बदल लिया।
पुलिस टीम ने मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और गुजरात सहित कई राज्यों में लगातार दबिश दी। इस दौरान साइबर सेल ने मोबाइल और अन्य डिजिटल इनपुट के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाने में अहम भूमिका निभाई।
सूरत से हुई गिरफ्तारी
आखिरकार मुखबिर से मिली सूचना और साइबर तकनीक की मदद से पुलिस को दोनों आरोपियों की लोकेशन गुजरात के सूरत शहर के कपोदरा इलाके में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए रामप्रताप सोनी (36) और अर्चना सोनी (27) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि की जा सके। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में पन्ना पुलिस की कई टीमों ने मिलकर काम किया। एसपी निवेदिता नायडू के निर्देशन में रैपुरा थाना प्रभारी उपनिरीक्षक स्मिता सिंह बघेल, साइबर सेल और अन्य पुलिसकर्मियों ने लगातार तकनीकी और मैदानी जांच जारी रखी। लंबी तलाश के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी को पुलिस अपनी बड़ी सफलता मान रही है।
