मध्य प्रदेश में येलो अलर्ट: सिंगरौली से बालाघाट तक भारी बारिश की चेतावनी, जानें 30 अगस्त की IMD रिपोर्ट
MP weather yellow alert today : मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर कई इलाकों में सक्रिय नजर आ रहा है। रविवार, 30 अगस्त 2026 को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने कुछ जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी है, जबकि अन्य क्षेत्रों में तेज हवा और आकाशीय बिजली का खतरा बताया गया है।
बारिश के कारण पहले से ही कई नदी-नालों और जलधाराओं में पानी बढ़ा हुआ है। ऐसे में तेज बारिश का एक और दौर निचले इलाकों में परेशानी बढ़ा सकता है। सड़क पर सफर करने वालों और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है।
30 अगस्त को इन जिलों में भारी बारिश का खतरा
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को सिंगरौली, सीधी, मऊगंज, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, सिवनी, मंडला और बालाघाट में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
पूर्वी मध्य प्रदेश के इन जिलों में बारिश की गतिविधि अपेक्षाकृत ज्यादा रहने की संभावना है। खासकर पहाड़ी और निचले इलाकों में तेज बारिश होने पर स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति बन सकती है।
IMD के जिला-वार चेतावनी पोर्टल पर 30 अगस्त और उसके बाद के दिनों के लिए मध्य प्रदेश के जिलों की अलग-अलग चेतावनियां उपलब्ध हैं। इसलिए किसी जिले की यात्रा से पहले स्थानीय मौसम अपडेट देखना ज्यादा सुरक्षित रहेगा।
सोमवार को भी कई जिलों में बारिश का अलर्ट
बारिश का असर सिर्फ रविवार तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। 31 अगस्त को भी सीधी, मऊगंज, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, सिवनी, मंडला, बालाघाट और मैहर में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
इससे साफ है कि पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां अभी बनी रह सकती हैं। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए IMD की चेतावनी में 30 अगस्त से गरज-चमक और तेज हवा की संभावना दर्ज है। आगे सितंबर के शुरुआती दिनों में भारी बारिश की गतिविधि बढ़ने का पूर्वानुमान भी जारी किया गया है।
बंगाल की खाड़ी की नमी से फिर बदला मौसम
मध्य प्रदेश में बारिश के इस दौर के पीछे बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और मानसून सिस्टम की सक्रियता अहम मौसमीय कारण हैं। जब पर्याप्त नमी प्रदेश तक पहुंचती है और मानसून ट्रफ अनुकूल स्थिति में रहता है, तो कई हिस्सों में बादल बनने और बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं IMD के हालिया पूर्वानुमानों में मध्य भारत समेत देश के कई हिस्सों में अगस्त के अंतिम दिनों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधि जारी रहने की संभावना बताई गई है।
निचले इलाकों में जलभराव की चिंता
भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर निचले इलाकों में देखने को मिल सकता है। सड़क के अंडरपास, पुलिया, नाले और छोटी जलधाराएं अचानक भर सकती हैं। कहीं-कहीं तेज बहाव के कारण रास्ते बंद होने या यातायात प्रभावित होने की स्थिति भी बन सकती है। इसलिए पानी से भरी सड़क या पुलिया को पार करने का जोखिम नहीं लेना चाहिए।
मध्य प्रदेश में आगे कैसा रहेगा मौसम?
अगले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रहने के संकेत हैं। IMD के पश्चिमी मध्य प्रदेश संबंधी पूर्वानुमान में 30 अगस्त से 2 सितंबर तक गरज-चमक और इसके बाद 3 से 5 सितंबर के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दर्ज है
