Madhya Pradesh News : उज्जैन की सुबह आज उत्साह और नई ऊर्जा से भरी रही, जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने चिर-परिचित अंदाज में जनता के बीच पहुंचे। कोठी रोड पर आयोजित 'राहगीरी आनंदोत्सव' में मुख्यमंत्री का एक अलग ही रूप देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद हर शख्स को हैरान कर दिया। डॉ. यादव ने न केवल आम नागरिकों के साथ समय बिताया, बल्कि पारंपरिक लाठी चलाकर अपनी शारीरिक दक्षता और कला का प्रदर्शन भी किया। उनकी इस फुर्ती को देखकर पूरा इलाका तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। यह आयोजन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके जरिए शहर को करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की सौगात भी मिली है।
खेल और सेहत के लिए उज्जैन को मिला नया ठिकाना
मुख्यमंत्री ने उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा फाजलपुरा में तैयार किए गए 'अटल परिसर' का उद्घाटन किया। लगभग 28.31 करोड़ रुपये की लागत से बना यह क्लब हाउस (स्पोर्ट्स-कम-वेलनेस हब) शहर के युवाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। https://twitter.com/CMMadhyaPradesh/status/2015274867395101155 अब स्थानीय खिलाड़ियों को प्रोफेशनल ट्रेनिंग के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना होगा। इस परिसर में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं जैसे डाइविंग और लीजर पूल, आधुनिक जिम, बैडमिंटन और लॉन टेनिस कोर्ट बनाए गए हैं। इसके अलावा युवाओं के लिए स्केटिंग रिंग और टेबल टेनिस हॉल की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
रोजगार और व्यापार को बढ़ावा देने की पहल
सिर्फ खेल ही नहीं, बल्कि शहर की आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए फाजलपुरा में एक नया शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भी तैयार हो गया है। करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से बने इस जी-प्लस-टू कॉम्प्लेक्स में 54 दुकानें और 27 ऑफिस चेंबर बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्वयं दुकानदारों को उनके नए व्यापारिक ठिकानों की चाबियां सौंपीं। इस कदम से न केवल स्थानीय व्यापारियों को बेहतर जगह मिली है, बल्कि पार्किंग की समस्या को ध्यान में रखते हुए यहां बेसमेंट पार्किंग का भी इंतजाम किया गया है।
सिंहस्थ 2028 की तैयारी: ट्रैफिक की समस्या होगी खत्म
उज्जैन के सबसे व्यस्त रास्तों में से एक हरिफाटक पुल को लेकर भी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने 97 करोड़ रुपये की लागत वाली 'हरिफाटक पुल चौड़ीकरण योजना' का भूमि पूजन किया। वर्तमान में यह पुल केवल 2-लेन का है, जिसे अब 6-लेन में बदला जाएगा। https://twitter.com/CMMadhyaPradesh/status/2015276098519810135 यह पुल इसलिए खास है क्योंकि यह महाकाल लोक, इंदौर रोड और शहर के मध्य हिस्से को आपस में जोड़ता है। इस विस्तार का सबसे बड़ा फायदा साल 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ के दौरान देखने को मिलेगा, जब लाखों श्रद्धालुओं के आने पर भी ट्रैफिक जाम की स्थिति पैदा नहीं होगी।