करोड़ों की गाड़ियों से जुआ खेलने आते थे शौकीन, वेयरहाउस में दबिश तो निकले 14 जुआरी
Balaghat News Today : बालाघाट जिले की ग्रामीण पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि खुरसोडी इलाके के एक वेयरहाउस में जुए का अड्डा चल रहा है। सूचना पर भरोसा करते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो वहां का नजारा देखकर अफसर भी चौंक गए। गोदाम परिसर में बने एक टिन शेड के भीतर 14 लोग जुआ खेलते मिले, और बाहर खड़ी थीं तीन महंगी गाड़ियां, जिनकी कुल कीमत करीब 37 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस के अनुसार यह पूरा गिरोह पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के गोंदिया जिले से यहां जुआ खेलने के लिए आया था।
कैसे हुआ पूरा ऑपरेशन
बालाघाट पुलिस को लंबे समय से इस इलाके में अवैध गतिविधियों की आशंका थी। जब मुखबिर ने खुरसोडी के वेयरहाउस को लेकर पक्की जानकारी दी, तो एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस निहित उपाध्याय के निर्देशन में एक टीम गठित की गई। यह वेयरहाउस रावणवाड़ी निवासी ओमप्रकाश नागपुरे का बताया जाता है। पुलिस टीम ने बिना किसी शोर-शराबे के परिसर की घेराबंदी की और अचानक दबिश दी। अंदर पहुंचते ही पुलिस को पत्तों के साथ जुआ खेलता हुआ पूरा गिरोह मिल गया, जिसमें भागने का किसी को मौका ही नहीं मिला।
छापे में क्या-क्या मिला
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से करीब 1.5 लाख रुपये नकद बरामद किए। इसके अलावा 14 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए, जो हर आरोपी के इस्तेमाल में थे। सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनीं वो तीन गाड़ियां, जो जुआरियों को खुरसोडी तक लेकर आई थीं। इनमें टाटा सफारी, विटारा ब्रेजा और किआ सोनेट जैसी प्रीमियम एसयूवी शामिल थीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी नियमित रूप से इन्हीं गाड़ियों से महाराष्ट्र के रावणवाड़ी से मध्य प्रदेश के खुरसोडी तक जुआ खेलने आते थे, जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह कोई एक बार की घटना नहीं बल्कि एक तय रूटीन था।
पकड़े गए सभी 14 आरोपियों की पहचान
पुलिस ने घटनास्थल से जिन 14 लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें ओमप्रकाश नागपुरे, शिवकुमार खैरवार, नरेश नगरीकर, आदित्य तुरकर, भरत लिलहारे, कमलेश नागपुरे, मंगल मस्कारे, सुधीर रोजे, रंजीत बारेले, विशाल मेंडे, पंकज नागपुरे, खेमेंद्र बिरनवार, जगदीश प्रसाद टिवडे और ओमप्रकाश दशहरे के नाम शामिल हैं। सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस को शक है कि इस नेटवर्क से इलाके के कुछ और स्थानीय लोग भी जुड़े हो सकते हैं, जो अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
