नरसिंहपुर सोना समझकर चुराईं 18 मूर्तियां, Google Lens से सच्चाई पता चलते ही नदी में फेंक दीं
Narsinghpur Crime News : नरसिंहपुर जिले के करेली थाना क्षेत्र से सामने आया जैन मंदिर चोरी का मामला अब एक चौंकाने वाले खुलासे के साथ चर्चा में है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने जो वजह बताई, उसने सभी को हैरान कर दिया।
उनका कहना है कि उन्होंने मंदिर से भगवान की मूर्तियां इसलिए चुराईं क्योंकि उन्हें लगा कि वे सोने की बनी हैं। लेकिन जब उन्होंने Google Lens की मदद से उनके बारे में जानकारी जुटाई, तो उन्हें लगा कि मूर्तियां उतनी कीमती नहीं हैं। इसके बाद पकड़े जाने के डर से अधिकांश मूर्तियां नदी में फेंक दी गईं।
22 जुलाई को हुई थी जैन मंदिर में बड़ी चोरी
पुलिस के अनुसार, 22 जुलाई को करेली पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सगौरिया गाँव के एक जैन मंदिर से देवी-देवताओं की 18 मूर्तियाँ चोरी हो गईं। चोरी के दौरान, आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए मंदिर के CCTV कैमरों को भी नुकसान पहुँचाया। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी। धार्मिक स्थल से चोरी होने के कारण स्थानीय लोगों में भी नाराजगी थी और जल्द कार्रवाई की मांग की जा रही थी।
सीसीटीवी और तकनीकी जांच बनी पुलिस की सबसे बड़ी ताकत
हालांकि मंदिर के कैमरे तोड़ दिए गए थे, लेकिन पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों, तकनीकी साक्ष्यों और संदिग्ध गतिविधियों का विश्लेषण किया। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर पूछताछ और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मदद से चार संदिग्धों तक पहुंच बनाई गई। पूछताछ के बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी इससे पहले दो अन्य मंदिरों को भी निशाना बना चुके थे। पुलिस अब उन मामलों की भी जांच कर रही है।
Google Lens से मिली जानकारी के बाद बदल गया पूरा प्लान
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने मूर्तियों को सोने का समझकर चोरी की थी। उनका इरादा इन्हें बेचकर बड़ी रकम कमाने का था। लेकिन बाद में उन्होंने Google Lens के जरिए मूर्तियों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की। आरोपियों का दावा है कि उन्हें लगा कि इन मूर्तियों की कीमत उनकी उम्मीद से काफी कम है। इसी बीच गिरफ्तारी का डर भी बढ़ने लगा। ऐसे में उन्होंने अधिकांश मूर्तियां गाडरवारा की शक्कर नदी में फेंक दीं।

ध्यान देने वाली बात यह है कि Google Lens किसी वस्तु की वास्तविक बाजार कीमत तय करने का प्रमाणित माध्यम नहीं है। यह मुख्य रूप से वस्तु की पहचान और उससे जुड़ी सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध कराता है। इसलिए कीमत को लेकर आरोपियों का दावा केवल उनके बयान का हिस्सा है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है।
दो मूर्तियां और सिंहासन बरामद, बाकी की तलाश जारी
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर दो मूर्तियां और एक सिंहासन बरामद कर लिया है। बाकी मूर्तियों की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। यदि मूर्तियां वास्तव में नदी में फेंकी गई हैं, तो उनकी बरामदगी के लिए संबंधित स्थानों पर भी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने लोगों से की सुरक्षा बढ़ाने की अपील
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। उन्होंने लोगों से अपील की कि मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। समय पर मिली जानकारी कई बड़ी घटनाओं को रोक सकती है।
