सीहोर में फिर पकड़ाया नकली पनीर, प्रतिबंध के बावजूद रुद्रांश डेयरी से 25 क्विंटल एनालॉग पनीर जब्त
analog paneer Madhya Pradesh : मध्य प्रदेश में पनीर के नाम पर चल रहा खेल थमने का नाम नहीं ले रहा। सरकार ने भले ही एनालॉग पनीर पर ताला जड़ दिया हो, पर सीहोर के पचामा गांव में कहानी कुछ और ही निकली। बुधवार देर रात खाद्य एवं औषधि प्रशासन यानी FDA और भोपाल डिविजनल फ्लाइंग स्क्वॉड की टीम रुद्रांश डेयरी पर पहुंची। छापे में जो मिला, उसने सबको चौंका दिया। करीब 25 क्विंटल एनालॉग पनीर एक साथ जब्त कर लिया गया।
शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
फ्लाइंग स्क्वॉड प्रभारी पंकज श्रीवास्तव के अनुसार खाद्य आयुक्त को सीहोर में मिलावटी और एनालॉग पनीर बनाए जाने की सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर टीम ने बिना देर किए रुद्रांश डेयरी पर दबिश दी। जांच में जो नजारा सामने आया, वो हैरान करने वाला था। बड़ी मात्रा में तैयार पनीर वहां रखा मिला। टीम ने मौके पर ही पूरा माल सील कर दिया।
पैकेट पर नाम तक नहीं लिखा था
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जब्त पनीर के पैकेट पर न तो कंपनी का नाम था, न ही डेयरी की पहचान बताने वाली कोई जानकारी। मतलब अगर यह पनीर बाजार में पहुंच जाता, तो ग्राहक को कभी पता ही नहीं चलता कि वो क्या खा रहा है। अधिकारियों को उत्पादन प्रक्रिया में भी कई खामियां नजर आईं। डेयरी परिसर से भारी मात्रा में नमक और चीनी भी बरामद हुई है, जिसे अब जांच का हिस्सा बनाया गया है।
एक हफ्ते में दूसरी बार पकड़ में आई डेयरी
खास बात यह है कि रुद्रांश डेयरी पहली बार रडार पर नहीं आई। महज एक हफ्ते पहले ही सीहोर FDA की टीम ने इसी डेयरी पर छापा मारकर 2 क्विंटल से ज्यादा एनालॉग पनीर पकड़ा था।
उस कार्रवाई के बाद भी उत्पादन नहीं रुका। डेयरी संचालक कथित तौर पर चोरी-छिपे बड़ी मात्रा में पनीर तैयार करते रहे। यही बात अब अधिकारियों के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है।
सीएम के ऐलान के बाद भी नहीं थमा कारोबार
यह पूरा मामला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उस ऐलान के कुछ ही दिन बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने 12 अगस्त को प्रदेशभर में एनालॉग पनीर के निर्माण और बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाई थी। सरकार का मकसद साफ था कि लोगों को असली दूध से बना पनीर मिले, नकली नहीं।
लेकिन प्रतिबंध लगने के बाद भी जिस तरह से उत्पादन जारी रहा, उसने सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम लोगों में भी यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि आखिर मिलावटखोर सरकारी आदेश को इतनी आसानी से कैसे नजरअंदाज कर पा रहे हैं।
भोपाल, भिंड, रतलाम, इंदौर में भी छापे
सिर्फ सीहोर ही नहीं, बुधवार रात FDA की अलग-अलग टीमों ने भोपाल, भिंड, रतलाम और इंदौर समेत कई जिलों में एक साथ कार्रवाई की। यह पूरा अभियान सरकार के प्रतिबंध के आदेश को सख्ती से लागू कराने की कोशिश का हिस्सा है।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी डीके वर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद से अब तक पूरे प्रदेश में कुल 10,464 किलो एनालॉग पनीर जब्त किया जा चुका है। इस दौरान सिर्फ पनीर ही नहीं, एनालॉग खोया और अन्य घटिया दूध उत्पाद भी पकड़े गए हैं।
