बैतूल: कोर्ट में वकीलों को दी धमकी, कोतवाली थाने में 2 घंटे चले हंगामे के बाद दो महिलाओं पर FIR दर्ज
विवाद की शुरुआत 22 जनवरी को हुई। अधिवक्ता अंशुल गर्ग और नितिन मिश्रा कोर्ट में जमानत संबंधी कार्यवाही कर रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान रिया कौशिक और आशा तिवारी नामक दो महिलाओं ने उनके साथ बदसलूकी की। वकीलों ने बताया कि महिलाओं ने सरेआम गाली-गलौज की और वकीलों को देख लेने की धमकी दी। शुक्रवार शाम को जब पुलिस ने तुरंत कार्रवाई नहीं की, तो जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अशोक वर्मा के नेतृत्व में दर्जनों वकील कोतवाली थाने पहुंच गए। वकीलों ने थाने के भीतर ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। जब बात नहीं बनी, तो प्रदर्शनकारी वकील एसपी कार्यालय की ओर कूच कर गए। माहौल बिगड़ता देख प्रशासन ने मामले में दखल दिया।
अधिवक्ता संघ की दो टूक: 'कार्रवाई नहीं तो हड़ताल'
पुलिस शुरुआत में मामले की जांच की बात कहकर एफआईआर टाल रही थी। इस पर वकीलों ने कड़ा रुख अपनाया। अधिवक्ता संघ ने स्पष्ट कर दिया कि यदि रात तक आरोपियों पर केस दर्ज नहीं हुआ, तो 27 जनवरी से पूरे जिले में वकील काम बंद कर देंगे। पुलिस ने सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और शुरुआती बयानों के आधार पर रात करीब साढ़े आठ बजे दोनों आरोपी महिलाओं के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कर लिया।"न्यायालय परिसर में वकीलों के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमने पुलिस को स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि कानून का सम्मान करने वालों को ही सुरक्षा नहीं मिलेगी, तो हम सामूहिक रूप से काम का बहिष्कार करेंगे। पुलिस ने दबाव के बाद अंततः एफआईआर दर्ज की है।" — अशोक वर्मा, अध्यक्ष, जिला अधिवक्ता संघ, बैतूल
