मूंग खरीदी केंद्र पर कलेक्टर का औचक निरीक्षण, किसानों के सामने हुई तुलाई; गुणवत्ता पर सख्ती के निर्देश
Farmer News MP : मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में खरीफ सीजन के बाद मूंग की खरीद तेज़ी से चल रही है। इस बीच, प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि खरीद प्रक्रिया के दौरान किसानों को कोई परेशानी न हो। इसी कोशिश के तहत, कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने बुधवार को रामपुरा के अमलतास वेयरहाउस में चल रहे मूंग खरीद केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, उन्होंने न केवल खरीद की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि किसानों से सीधे बातचीत करके उनकी समस्याओं और अनुभवों को भी समझा।
कलेक्टर ने वहां मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि खरीद पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए और केवल तय गुणवत्ता मानकों को पूरा करने वाली मूंग ही खरीदी जाए। प्रशासन ने कहा है कि खरीद प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
किसानों से सीधी बातचीत, जानी खरीदी व्यवस्था की हकीकत
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने खरीदी केंद्र पर मौजूद किसानों से बातचीत की। उन्होंने किसानों से पूछा कि स्लॉट बुकिंग में कोई दिक्कत तो नहीं आ रही है, तुलाई समय पर हो रही है या नहीं और केंद्र पर उपलब्ध सुविधाएं संतोषजनक हैं या नहीं।
इस दौरान किसानों ने अपनी बात सीधे कलेक्टर के सामने रखी। प्रशासन का उद्देश्य यही रहा कि किसी भी समस्या का समाधान मौके पर ही किया जा सके और खरीदी प्रक्रिया को और बेहतर बनाया जाए।
किसानों के सामने करवाई मूंग की तुलाई
निरीक्षण की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि कलेक्टर ने किसानों द्वारा लाई गई मूंग की तुलाई अपने सामने करवाई। उन्होंने पूरी प्रक्रिया को शुरुआत से अंत तक देखा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि तौल में किसी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता न हो।
गुणवत्ता जांच पर विशेष जोर
कलेक्टर ने खरीदी के बाद सुरक्षित रखे गए मूंग के सैंपलों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने गुणवत्ता परीक्षण की प्रक्रिया को देखा और संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली कि निर्धारित मानकों के अनुसार जांच कैसे की जा रही है। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। किसानों की उपज का सही मूल्य तभी मिल सकता है जब पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो।
केवल FAQ मानकों वाली मूंग की होगी खरीदी
निरीक्षण के दौरान सर्वेयर और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि केवल निर्धारित FAQ (Fair Average Quality) मानकों के अनुरूप मूंग की ही खरीदी की जाए।
कलेक्टर ने सख्त हिदायत दी कि नॉन-FAQ मूंग किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं की जाए। साथ ही गुणवत्ता परीक्षण पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ किया जाए ताकि खरीदी प्रक्रिया पर किसी प्रकार का सवाल न उठे। विशेषज्ञों का मानना है कि FAQ मानकों का पालन करने से सरकारी उपार्जन व्यवस्था में एकरूपता बनी रहती है और किसानों के साथ निष्पक्ष व्यवहार सुनिश्चित होता है।

स्लॉट बुकिंग से लेकर उपार्जन तक व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि किसानों को स्लॉट बुकिंग, तुलाई, गुणवत्ता परीक्षण और उपार्जन की पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। यदि किसी किसान को तकनीकी या प्रशासनिक समस्या आती है तो उसका समाधान तुरंत किया जाए।
मध्यप्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में स्लॉट आधारित खरीदी व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में लगातार काम किया गया है, जिससे केंद्रों पर भीड़ कम हो और किसानों का समय बचे।
