जमीन के चक्कर में खून की होली: बड़वानी में चाचा ने ही कर दी भतीजे की हत्या, ऐसे खुला राज
Barwani murder case : मध्य प्रदेश में अपराध और जमीन के झगड़ों की खबरें आए दिन सामने आती रहती हैं, लेकिन बड़वानी जिले से जो मामला सामने आया है, उसने सबको हैरान कर दिया है। यहां नागलवाड़ी पुलिस ने एक ऐसे सनसनीखेज हत्याकांड का पर्दाफाश किया है, जिसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। खून का रिश्ता कितना कच्चा हो सकता है, इसकी बानोगी इस घटना में साफ देखने को मिली है, जहां छह साल पुरानी दुश्मनी ने एक परिवार को ही उजाड़ कर रख दिया।
बात नागलवाड़ी थाना क्षेत्र की है, जहां पुलिस ने लिस्टेड बदमाश जंगू मेवाड़े की हत्या के मामले में उसके ही चाचा और दो चचेरे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की पूछताछ में जो बातें सामने आई हैं, वे काफी चौंकाने वाली हैं। जमीन का एक टुकड़ा इंसान को किस हद तक अंधा बना देता है, यह इस घटना से साफ पता चलता है। परिवार के ही लोगों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया और सबूत मिटाने की पूरी कोशिश की।
घटना 21 जुलाई की रात की है। मृतक जंगू मेवाड़े और उसके चाचा रमेश मेवाड़े के बीच पिछले छह साल से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। उस रात दोनों के बीच किसी बात को लेकर फिर से तीखी बहस शुरू हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि गुस्से में आकर रमेश मेवाड़े ने कथित तौर पर कुल्हाड़ी उठाई और जंगू पर हमला कर दिया। इस हमले में जंगू की मौके पर ही मौत हो गई। अपने ही भतीजे की जान लेने के बाद भी चाचा का दिल नहीं पसीजा।
हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत छिपाने का खौफनाक प्लान बनाया। रमेश के दोनों बेटों, सुनील और लखन ने मिलकर मृत जंगू के शव को एक मोटरसाइकिल पर लादा। इसके बाद वे उसे भीलटादेव-पिपरखेड़ा मार्ग के पास ले गए और सड़क किनारे एक गहरी खाई में फेंक दिया। पुलिस को चकमा देने के लिए उन्होंने वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को भी पास के एक नाले में छिपा दिया और तीनों मौके से फरार हो गए।
अगले दिन यानी 22 जुलाई को जब मृतक के भाई मंगू मेवाड़े ने थाने में सूचना दी, तब जाकर पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर शव को बरामद किया और हत्या का मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद नागलवाड़ी पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। थाना प्रभारी रामकुमार पटेल की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की खास सूचना के आधार पर आरोपियों की घेराबंदी की।
पुलिस ने सांगवी फाटा-तलकपुरा रोड के पास बने एक प्रतीक्षालय से रमेश मेवाड़े और उसके दोनों बेटों सुनील व लखन को धर दबोचा। ये तीनों नवादियापुरा के रहने वाले हैं। जब पुलिस ने इनसे सख्ती से पूछताछ की, तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया और सारी सच्चाई उगल दी। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार और अन्य सबूत भी जुटाना शुरू कर दिए हैं।
दिलचस्प बात यह है कि इस मामले के दोनों पक्षों का आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ पहले से ही मारपीट और अन्य मामलों में केस दर्ज हैं। वहीं, दूसरी तरफ मारा गया जंगू मेवाड़े भी कोई सीधा-साधा इंसान नहीं था। वह नागलवाड़ी थाने का एक लिस्टेड बदमाश और हिस्ट्रीशीटर था। उसके खिलाफ अकेले नागलवाड़ी और आसपास के थानों में कुल 16 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे।
जंगू मेवाड़े की निजी जिंदगी की बात करें, तो उसकी पत्नी उससे पहले ही अलग रह रही थी। उसके परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है, जिनके सिर से अब पिता का साया उठ चुका है। छह साल पुराना जमीन का यह विवाद आखिरकार एक परिवार की बर्बादी पर आकर खत्म हुआ। पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है और आरोपियों को कोर्ट में पेश करने की तैयारी है।
