Local News : नेता प्रतिपक्ष ने पहनवाया आदमी को कुत्ते का कॉस्ट्यूम, जनसुनवाई में मचा हड़कंप
Local News : खंडवा की जनसुनवाई में मंगलवार को कुछ ऐसा हुआ, जिसे देखकर वहां मौजूद हर कोई ठिठक गया। लोग अपनी शिकायतें लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे, लेकिन नजरें एक अलग ही नजारे पर टिक गईं। नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष मुल्लू राठौर एक ऐसे व्यक्ति को साथ लेकर पहुंचे, जिसे पूरी तरह कुत्ते के कॉस्ट्यूम में तैयार किया गया था। मकसद साफ था शहर में बढ़ते आवारा कुत्तों के आतंक की तरफ प्रशासन का ध्यान खींचना।
जनसुनवाई में उमड़ी भीड़, कैमरों में कैद हुआ नजारा
हर हफ्ते होने वाली इस जनसुनवाई में जिले भर से लोग अपनी निजी समस्याएं लेकर आते हैं। लेकिन मंगलवार को माहौल कुछ अलग ही था। छद्म कुत्ता बने व्यक्ति को देखते ही परिसर में मौजूद अधिकारी और आम लोग हैरान रह गए। कई लोग तो अपनी शिकायतें भूलकर मोबाइल निकालकर वीडियो और फोटो बनाने में जुट गए। यह कोई मनोरंजन का पल नहीं था, बल्कि एक सोचा-समझा प्रतीकात्मक विरोध था। नेता प्रतिपक्ष का इशारा साफ था शहर में डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं और निगम की लापरवाही की तरफ प्रशासन की आंखें खोलना।
नसबंदी के नाम पर लाखों के गबन का आरोप
प्रदर्शन के बाद मुल्लू राठौर ने नगर निगम के अधिकारियों पर सीधा और गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना है कि श्वान नसबंदी के नाम पर निगम में बड़ा फर्जीवाड़ा चल रहा है। उन्होंने आधिकारिक आंकड़े सामने रखते हुए बताया कि साल 2024 में नगर निगम ने कुल 3,168 कुत्तों की नसबंदी होने का दावा किया था। इस काम के बदले निगम के खजाने से करीब 33 लाख 20 हजार रुपये खर्च किए गए। यानी हिसाब लगाया जाए तो एक कुत्ते की नसबंदी पर औसतन 1,048 रुपये खर्च दिखाया गया है। हैरानी की बात यह है कि 2025 के आंकड़े अब तक सार्वजनिक तौर पर सामने नहीं आए हैं।
आम जनता के लिए बना बड़ा सिरदर्द
खंडवा के मोहल्लों और कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के लिए आवारा कुत्तों की समस्या रोज की परेशानी बन चुकी है। शाम ढलते ही गलियों में कुत्तों के झुंड घूमने लगते हैं और राहगीरों के साथ-साथ बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा डरे रहते हैं।
डॉग बाइट के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं, जिसकी वजह से अस्पतालों में एंटी-रेबीज इंजेक्शन की मांग भी बढ़ी हुई है। ऐसे में नेता प्रतिपक्ष का यह अनोखा प्रदर्शन सिर्फ राजनीतिक स्टंट नहीं, बल्कि आम आदमी की तकलीफ की तरफ इशारा माना जा रहा है।
